शिमला: हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र के सबसे छोटे और महत्वपूर्ण स्तंभ ‘पंचायती राज’ के चुनावों का बिगुल आज बजने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग आज दोपहर बाद एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के माध्यम से चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाला है। इस घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) प्रभावी हो जाएगी।
दोपहर 3:40 पर निर्वाचन आयुक्त करेंगे प्रेस वार्ता
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची आज दोपहर 3 बजकर 40 मिनट पर मीडिया को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान पंचायत चुनावों के चरणों और मतदान की सटीक तिथियों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। सुसुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 31 मई 2026 से पहले पूरी की जानी अनिवार्य है, जिसे देखते हुए आयोग अब अंतिम तैयारियों को अमलीजामा पहना रहा है।
आचार संहिता लागू होते ही इन कामों पर लगेगी रोक
जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद सरकार और प्रशासन निम्नलिखित कार्य नहीं कर सकेंगे:
. नई घोषणाएं: किसी भी नई योजना या लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध।
. नई भर्तियां: सरकारी विभागों में नई भर्तियों की प्रक्रिया नहीं शुरू हो सकेगी।
. तबादले और पदोन्नति: अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर या प्रमोशन पर रोक रहेगी।
. शिलान्यास और उद्घाटन: किसी भी नए प्रोजेक्ट का न तो शिलान्यास होगा और न ही उद्घाटन।
. नए टेंडर: विकास कार्यों के लिए नए टेंडर जारी नहीं किए जा पाएंगे।
मतदाता और चुनाव का गणित
प्रदेश की पंचायतों के इस चुनावी महाकुंभ में करीब 51 लाख मतदाता अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करेंगे। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक:
- कुल मतदाता: ~51 लाख
- बुजुर्ग मतदाता (85+ वर्ष): ~50 हजार
- शहरी निकाय चुनाव: 51 निकायों में 17 मई और 2 अन्य क्षेत्रों में 22 मई को मतदान पहले ही तय हो चुका है।
क्या है आदर्श आचार संहिता?
यह राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए बनाए गए नियमों का एक समूह है, जिसका उद्देश्य चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाना है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग इसे लागू करवाता है। यह चुनाव की घोषणा के दिन से शुरू होकर परिणामों की घोषणा तक प्रभावी रहती है।
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