शिमला से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में लगने वाले एंट्री टैक्स (State Entry Tax) को लेकर एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। पिछले काफी समय से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बावजूद, सरकार ने टैक्स की दरों को युक्तिसंगत (rationalization) बनाने की बात कहते हुए नई दरें लागू करने का ऐलान कर दिया है।
अब सभी गाड़ियों के लिए एक समान एंट्री टैक्स
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एंट्री टैक्स की दरों में बदलाव किया गया है। अब गाड़ियों की अलग-अलग श्रेणियों के बजाय एक समान टैक्स वसूला जाएगा:
- पहले 5 सीटर गाड़ियों पर ₹70 टैक्स लगता था, जबकि 6 से 12 सीटर वाली गाड़ियों पर ₹110 टैक्स था।
- अब इन दोनों ही श्रेणियों के लिए एक समान ₹130 एंट्री टैक्स निर्धारित किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मासिक पास की सुविधा रहेगी जारी
वहीं, सरकार ने स्थानीय लोगों को राहत देते हुए मासिक रियायती पास (monthly concessional pass) की पुरानी व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है। टोल बैरियर से 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को यह सुविधा मिलती रहेगी:
- 5 सीटर गाड़ी: ₹70 प्रति माह
- 6–12 सीटर गाड़ी: ₹110 प्रति माह
टैक्स बढ़ोतरी पर छिड़ी रार, विरोध और राजनीति हुई तेज
एंट्री टैक्स में की गई इस बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और इस फैसले को पूरी तरह से जनविरोधी बताया। विपक्ष का कहना है कि:
- इस टैक्स बढ़ोतरी से आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
- हिमाचल की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा असर पड़ने की आशंका है।
पड़ोसी राज्यों तक पहुंची फैसले की गूंज
इस फैसले की गूंज हिमाचल के बाहर भी सुनाई दे रही है। पंजाब और हरियाणा के ट्रांसपोर्टर्स और स्थानीय लोग भी इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। कई जगहों पर चक्का जाम और प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई है, जिससे आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
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