ग्वालियर, 11 मार्च।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सेवानिवृत्त जवानों और वीरांगना परिवारों की पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को BSF अकादमी ग्वालियर के कौटिल्य ऑडिटोरियम में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व जवान और उनके परिवार शामिल हुए।
इस पेंशन अदालत में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के सेवानिवृत्त जवानों के मामलों को सुना गया। आयोजन का उद्देश्य पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें और उनका जल्द समाधान हो सके।
कई मामलों का मौके पर ही हुआ समाधान
कार्यक्रम के दौरान आए अधिकतर मामलों को अधिकारियों ने मौके पर ही सुलझा दिया, जिससे पेंशनभोगियों को काफी राहत मिली। जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव नहीं हो पाया, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है ताकि उनका जल्द निस्तारण किया जा सके।
पहले भी हो चुकी है ऐसी पहल
बताया गया कि इस तरह की पहली पेंशन अदालत 5 मई 2022 को BSF अकादमी टेकनपुर में आयोजित की गई थी। यह पहल कन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेज मार्टियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा के प्रयासों से सफलतापूर्वक शुरू हुई थी।
ग्वालियर में आयोजित इस कार्यक्रम में पेंशनभोगियों और वीरांगना परिवारों के लिए BSF अकादमी की ओर से भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिसके लिए प्रतिभागियों ने अकादमी के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
पूर्व सैनिकों की मदद के लिए देशभर में काम कर रही है एसोसिएशन
कन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेज मार्टियर्स वेलफेयर एसोसिएशन देशभर में पूर्व पैरामिलिट्री जवानों और उनके परिवारों की सहायता के लिए लगातार काम कर रही है।
खासतौर पर मध्य प्रदेश में संगठन की पहल पर कई जिलों में पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं, जहां आर्म्ड फोर्सेज के जवानों और उनके परिवारों को जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिलती है।
ये हेल्प डेस्क ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, छतरपुर और डिंडोरी सहित कई जिलों में शुरू हो चुकी हैं। हाल ही में ग्वालियर में एक CRPF जवान की समस्या भी एसोसिएशन की पहल से हल कराई गई।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
पेंशन अदालत में संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से सुरेन्द्र सिंह यादव, राम जी लाल शर्मा, रमन चौहान, बुद्ध सिंह, रति राम बघेल, मनी राम और श्रीराम गुर्जर शामिल रहे।
संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की पेंशन अदालतें आयोजित होती रहेंगी, जिससे पेंशनभोगियों और वीरांगना परिवारों की समस्याओं का समाधान और भी तेजी से हो सकेगा।
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