मसूरी
पर्यटन नगरी मसूरी में पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही मसूरी की सड़कों पर ई-रिक्शा संचालित होते नजर आएंगे। इसी योजना के तहत मंगलवार को उप जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद, एआरटीओ और अन्य संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में मसूरी के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा का ट्रायल किया गया।
परीक्षण के दौरान ई-रिक्शा को मसूरी के चढ़ाई और ढलान वाले क्षेत्रों में चलाकर उसकी क्षमता और प्रदर्शन का आकलन किया गया। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल सफल रहा है और अब इसके संचालन को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन की योजना के तहत भविष्य में हाथ से खींचे जाने वाले साइकिल रिक्शों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर उनकी जगह ई-रिक्शा संचालित किए जाएंगे। इसके लिए रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई जा रही है, जिससे उनके रोजगार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और उन्हें आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ा जा सके।
उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि तीन अलग-अलग मार्गों पर ई-रिक्शा का परीक्षण किया गया, जिसमें वाहन पूरी तरह सफल साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मसूरी में ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारित किए जाएंगे। इसके लिए नगर पालिका, एआरटीओ, पुलिस विभाग, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठक कर विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मसूरी की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से चढ़ाई और ढलान वाले मार्गों पर ई-रिक्शा की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जिसमें संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इससे शहर में यातायात दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
ट्रायल के लिए पहुंचे कंपनी के सेल्स हेड सरल दास ने बताया कि यह ई-रिक्शा पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। उन्होंने कहा कि एक बार चार्ज होने पर यह वाहन लगभग 240 किलोमीटर तक चल सकता है तथा इसमें 3+1 सीट की क्षमता है। उनका दावा है कि यह पर्यटकों के लिए आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा।
प्रशासन का मानना है कि ई-रिक्शा संचालन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मसूरी की यातायात व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा सकेगा।
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