पंजाब चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा प्लान, PM मोदी के दौरों से 117 सीटों पर चुनावी अभियान को मिलेगी रफ्तार

Punjab

जालंधर: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 जुलाई का प्रस्तावित पंजाब दौरा पार्टी की इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा इस बार राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष फोकस कर रही है।

वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल के साथ तीन दशक पुराना गठबंधन समाप्त होने के बाद भाजपा ने पंजाब में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है। हालांकि 2022 विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा और उसका वोट प्रतिशत लगभग छह से सात फीसदी के बीच रहा, जबकि आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके बाद भाजपा ने संगठन विस्तार और जनाधार बढ़ाने के लिए कई अभियान शुरू किए।

पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में कई प्रभावशाली नेताओं को अपने साथ जोड़ने के साथ-साथ बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया है। भाजपा की रणनीति शहरी क्षेत्रों के अलावा दोआबा, माझा और मालवा क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की है। अनुसूचित जाति समुदाय, युवा मतदाताओं, व्यापारियों, किसानों और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पिछले पांच महीनों में दूसरा पंजाब दौरा होगा। इससे पहले वे 1 फरवरी को जालंधर आए थे। इसी अवधि में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी पंजाब का दौरा कर चुके हैं। लगातार हो रहे इन दौरों को भाजपा के ‘मिशन पंजाब’ का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और चुनावी माहौल तैयार करना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वोट प्रतिशत को विधानसभा सीटों में बदलने की होगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के साथ मजबूत स्थानीय नेतृत्व, प्रभावी उम्मीदवारों का चयन और क्षेत्रीय मुद्दों पर स्पष्ट रणनीति अहम भूमिका निभाएगी। दूसरी ओर विपक्ष कृषि, बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था जैसे स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है। ऐसे में आगामी महीनों में पंजाब की चुनावी राजनीति और संभावित गठबंधनों पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *