ऋषिकेश: All India Institute of Medical Sciences Rishikesh में नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सतत नर्सिंग शिक्षा’ (Continuing Nursing Education – CNE) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि नर्सिंग पेशे में रोगियों की देखभाल करते समय अभिभावक की तरह भावनात्मक संयम और संवेदनशीलता बेहद जरूरी होती है।
60 नए नर्सिंग अधिकारियों ने संभाला कार्यभार
हाल ही में आयोजित NORCET-9 परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए नर्सिंग अधिकारियों के लिए एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस प्रक्रिया के तहत संस्थान में अब तक करीब 60 नए नर्सिंग अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण किया है।
नए नर्सिंग अधिकारियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली, प्रोटोकॉल और संस्थान की नीतियों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नर्सिंग सर्विसेज और कंटीन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन (CNE) सेल के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
नर्सिंग पेशे में संयम और संवेदनशीलता जरूरी
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक Meenu Singh ने कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी का क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि नर्सों को कई बार रोगियों के लिए एक अभिभावक की तरह भूमिका निभानी पड़ती है, इसलिए इस पेशे में संयम, सहानुभूति और मृदु व्यवहार बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सिंग अधिकारी अपने ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाकर रोगियों को बेहतर देखभाल प्रदान कर सकेंगे।
नर्सिंग स्टाफ अस्पताल की रीढ़
इस अवसर पर डीन एकेडमिक Saurabh Varshney ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ किसी भी अस्पताल की रीढ़ होता है। उन्होंने नर्सिंग अधिकारियों को टीम वर्क के साथ काम करते हुए रोगियों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने की सलाह दी।
वहीं चिकित्सा अधीक्षक B. Satya Sri ने कहा कि नर्सिंग पेशा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सतत नर्सिंग शिक्षा कार्यक्रम से नर्सिंग पेशेवरों को चिकित्सा क्षेत्र का अनुभव और रोगी देखभाल प्रणाली को मजबूत करने का अवसर मिलता है।
सप्ताह भर चलेगा इंडक्शन प्रोग्राम
मुख्य नर्सिंग अधिकारी Anita Rani Kansal ने बताया कि यह इंडक्शन प्रोग्राम पूरे सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान नए नर्सिंग अधिकारियों को तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे पेशेंट केयर में अधिक दक्ष बन सकें।
गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में सतत नर्सिंग शिक्षा कार्यक्रम पिछले वर्ष से नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें संस्थान में शामिल होने वाले प्रत्येक नए नर्सिंग बैच को प्रशिक्षण दिया जाता है।
कार्यक्रम में उपनिदेशक (प्रशासन) Gopal Mehra, डीन रिसर्च Shailendra Handu, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य Smriti Arora सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
