नई दिल्ली: अगर आपके बाल तेज़ी से झड़ रहे हैं, तो इसे महज़ एक कॉस्मेटिक समस्या मानकर अनदेखा न करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक बाल झड़ना और गंजापन गंभीर स्वास्थ्य समस्या, ख़ासकर किडनी डैमेज का एक शुरुआती लक्षण हो सकता है। यह संकेत दिखते ही तत्काल चिकित्सा सहायता लेना ज़रूरी है।
क्यों झड़ते हैं किडनी की बीमारी में बाल?
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में कई तरह के असंतुलन पैदा हो जाते हैं, जो बालों के स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करते हैं:
- विषाक्त पदार्थों का जमाव (Toxins): किडनी की कार्यक्षमता घटने पर यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे विषैले पदार्थ रक्त में जमा होने लगते हैं, जिसे यूरीमिया कहते हैं। ये टॉक्सिंस (विषाक्त पदार्थ) बालों के रोमछिद्रों को कमज़ोर कर देते हैं।
- पोषक तत्वों का असंतुलन: क्रॉनिक किडनी रोग (CKD) शरीर में आयरन, जिंक, विटामिन D और पैराथाइरॉइड हार्मोन जैसे ज़रूरी पोषक तत्वों और हार्मोनों के संतुलन को बिगाड़ देता है, जिससे बाल पतले और रूखे होकर टूटने लगते हैं।
- एनीमिया और तनाव: किडनी के मरीज़ों में अक्सर एनीमिया (खून की कमी) और शरीर पर अत्यधिक तनाव (Telogen Effluvium) की स्थिति बन जाती है, जो हेयरफॉल को और बढ़ा देती है।
अन्य समस्याएं: किडनी के मरीज़ों को बालों के पतला होने, रूखेपन, टूटने और यहां तक कि गंजेपन का भी सामना करना पड़ सकता है। कुछ दवाएँ और डायलिसिस उपचार भी इस समस्या को गंभीर बना सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह: विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आपको अचानक और तेज़ी से बाल झड़ने की समस्या हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ न करें। यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना और किडनी फंक्शन की जाँच कराना आवश्यक है। डॉक्टरों द्वारा पोषक तत्वों के स्तर की निगरानी और बालों की सौम्य देखभाल की सलाह दी जाती है।





