नई दिल्ली: श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए गुरुवार सुबह दिल्ली में कदम रखा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच नियमित और घनिष्ठ संबंधों की परंपरा को आगे बढ़ाएगा और मित्रता के गहरे बंधनों को मजबूत करेगा।
अपनी इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री अमरसूर्या भारतीय राजनीतिक नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगी, जो दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े हैं।
प्रमुख कार्यक्रम:
- एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में मुख्य भाषण: प्रधानमंत्री अमरसूर्या, दिल्ली में एनडीटीवी और चिंतन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट’ में मुख्य वक्ता होंगी।
- शिक्षा और प्रौद्योगिकी पर फोकस: श्रीलंका की शिक्षा मंत्री होने के नाते, वह शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ तलाशने के लिए आईआईटी दिल्ली और नीति आयोग का भी दौरा करेंगी।
- मातृसंस्था का दौरा: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज की पूर्व छात्रा रहीं प्रधानमंत्री अमरसूर्या अपनी मातृसंस्था का दौरा भी करेंगी।
- व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा: दोनों देशों के बीच व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वह एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत की “महासागर विजन” और “पड़ोसी प्रथम” नीति से प्रेरित मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक सशक्त बनाएगी।
गांधी जयंती पर श्रद्धासुमन:
इससे पहले, 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री अमरसूर्या ने कोलंबो में अपने आधिकारिक आवास और कार्यालय ‘टेंपल ट्रीज़’ में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के साथ महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी। इस वर्ष महात्मा गांधी की 156वीं जयंती मनाई गई, जिन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका के लिए राष्ट्रपिता के रूप में याद किया जाता है। भारतीय उच्चायुक्त ने ‘एक्स’ पर इसकी तस्वीरें साझा की थीं।





