बागेश्वर (उत्तराखंड): देवभूमि के पर्वतीय जिलों में भूगर्भीय हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार तड़के उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि, रिक्टर स्केल पर तीव्रता काफी कम होने के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बार-बार आती इन आहटों ने स्थानीय निवासियों और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।
भूकंप की तीव्रता और केंद्र (Key Details)
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप के यह झटके गुरुवार सुबह 02:42:11 बजे महसूस किए गए। इस सूक्ष्म भूकंप की मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
. तीव्रता: रिक्टर पैमाने पर 1.8 मापी गई।
. केंद्र: अक्षांश 30.133 और देशांतर 79.843 (बागेश्वर के समीप)।
. गहराई: जमीन से मात्र 5 किलोमीटर नीचे।
. समय: 02:42 AM (भारतीय समयानुसार)।
4 माह में 11वीं बार कांपी धरती
बागेश्वर जिले के लिए यह स्थिति संवेदनशील होती जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल के मुताबिक, पिछले केवल चार महीनों के भीतर यह 11वीं बार है जब जिले में भूकंप दर्ज किया गया है। बार-बार आ रहे इन झटकों के कारण लोग अब किसी बड़े खतरे की आशंका से भयभीत हैं।
विशेषज्ञ की राय:
भूविज्ञानी सुनील दत्त का कहना है कि 1.8 तीव्रता के भूकंप बेहद सूक्ष्म होते हैं और इनसे नुकसान की संभावना न के बराबर होती है। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र होने के कारण इस तरह की निरंतर हलचल पर पैनी नजर रखना आवश्यक है।
प्रशासन अलर्ट, नुकसान की खबर नहीं
भूकंप का केंद्र सतह के काफी करीब (5 किमी) होने के बावजूद कम तीव्रता ने बड़े खतरे को टाल दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कहीं से भी किसी मकान में दरार या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। संबंधित विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम स्थिति की निगरानी कर रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
क्या है बचाव के उपाय?
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
- भूकंप के समय खुले मैदान की ओर भागें।
2. घर के अंदर होने पर मजबूत मेज के नीचे शरण लें।
3. लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें।
4. अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।
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