अंकिता भंडारी केस: पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नहीं मिली राहत, जमानत खारिज कर जेल भेजा…

Uttarakhand

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े चर्चित प्रकरण में गिरफ्तार पूर्व विधायक सुरेश राठौर को फिलहाल अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। वहीं, मामले की जांच कर रही पुलिस ने जांच के दौरान एक्सटॉरशन (जबरन वसूली) की धारा भी जोड़ दी है।

पुलिस का कहना है कि जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर यह धारा बढ़ाई गई है। अदालत में पेश की गई दलीलों में पुलिस ने दावा किया कि यदि किसी तरह का दबाव बनाने या लाभ हासिल करने का उद्देश्य नहीं होता, तो संबंधित वीडियो में व्यक्तियों के नाम लेकर आरोप लगाने और बाद में उसे रिकॉर्ड कर वायरल करने की जरूरत नहीं पड़ती।

पार्टी में वापसी और पद पाने की मंशा का आरोप
पुलिस ने अपनी दलील में यह भी कहा कि जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि पार्टी से निष्कासन समाप्त करवाने और संगठन में दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल करने की मंशा से दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
इस पूरे मामले में सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून के अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें झबरेड़ा, बहादराबाद, नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थाना शामिल हैं।

आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसे ऑडियो और वीडियो साझा किए, जिनमें भाजपा नेताओं के बारे में आपत्तिजनक और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित की गई।

शिकायतकर्ताओं ने जताई थी आपत्ति
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वायरल की गई सामग्री से उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद विभिन्न थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं।

जांच पर टिकी हैं निगाहें
राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जा रहे इस मामले पर अब सबकी नजरें जांच के अगले चरण पर टिकी हैं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य संबंधित तथ्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, सुरेश राठौर को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है और उनकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है।

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