₹25 लाख की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड बंगाल से गिरफ्तार, फर्जी फर्म बनाकर करता था करोड़ों की ठगी का नेटवर्क संचालित

Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब ₹24.95 लाख की साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जियाउर गाजी (40) के रूप में हुई है, जो साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराकर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता था।

मामले की शुरुआत देहरादून के एक कारोबारी की शिकायत से हुई। पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में बताया कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उनकी कंपनी के बैंक खाते से करीब ₹24.95 लाख की अवैध निकासी कर ली गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान एसटीएफ ने विभिन्न बैंकों, मोबाइल सेवा प्रदाताओं और तकनीकी माध्यमों से जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच के बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और हाबरा बाजार क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साइबर अपराधियों के लिए अपने और अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था तथा एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने “गाजी इंटरप्राइजेज” नाम से एक फर्जी फर्म बनाकर कई बैंकों में खाते खुलवाए थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले इन खातों में जमा की जाती थी, जिसके बाद आरोपी चेक और एटीएम के जरिए नकदी निकालकर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। जांच में पता चला कि ठगी की राशि में से ₹11.95 लाख पहले आईडीबीआई बैंक के खाते में पहुंचे, जिन्हें बाद में इंडसइंड बैंक और सेंट्रल बैंक के खातों में ट्रांसफर किया गया। इनमें से करीब ₹7 लाख चेक के माध्यम से और शेष राशि एटीएम से निकाली गई।

एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के दो डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी और डिजिटल अकाउंट की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।

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