चंडीगढ़: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसे देश के युवाओं और छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को युवाओं की आवाज के आगे झुकना पड़ा और यह लोकतांत्रिक संघर्ष की सफलता का परिणाम है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा शक्ति की जीत है। भाजपा युवाओं की जिद और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के आगे झुक गई है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बदलाव के बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होंगे और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने भी इस्तीफे को करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि केवल मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब सरकार को परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक पर सख्त रोक और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों और युवाओं को बधाई भी दी।
कंग ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और कई विद्यार्थियों को अस्पताल तक पहुंचना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं में भी बाधाएं खड़ी की गईं। इसके बावजूद छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखा और अंततः सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अपने लक्ष्य तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे देश के विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज का सम्मान होना चाहिए और सरकारों को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
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