वाई पूरण के साथ जातिगत भेदभाव, संस्थागत हत्या की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा मिले नरेश शास्त्री।

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फरीदाबाद: आईपीएस अधिकारी वाई पूर्ण कुमार के साथ जातीय भेदभाव के खिलाफ व संस्थागत हत्या की निष्पक्ष जांच, व माननीय मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई पर जूता उछालने वाले वकील के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा संदीप लाठर ए एस आई की मौत की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर आज नगर निगम के सभी विभागों के कर्मचारियो एवं दलित संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता नेताओं ने निगम मुख्यालय पर एक विरोध सभा का आयोजन किया । सभा की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के जिला प्रधान दिलीप सिंह बहोत ने की तथा मंच का संचालन सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता वीरेंद्र भंडारी ने किया। गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं।


आज के प्रदर्शन एवं विरोध सभा में मुख्य रूप से नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, जिला सचिव अनिल चण्डाल, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगोहर, एन आई टी नंबर 5 जी ब्लॉक वाल्मीकि मंदिर के प्रधान राजेंद्र चांडाल, वाल्मीकि अखाड़ा आदर्श कॉलोनी के प्रधान राजकुमार वाल्मीकि, संघर्षील दलित नेता एवं बाटा यूनियन के पूर्व नेता सुखचैन तंवर, सीवरमैन यूनियन के नेता अनूप वाल्मीकि, वाटर सप्लाई यूनियन के नेता देवी चरण शर्मा, ड्राइवर यूनियन के नेता परसराम अधना, बेलदार यूनियन के नेता शहाबुद्दीन, तथा महिला नेता सुरेश देवी व ललिता देवी भी मुख्य रूप से उपस्थिति रही। कर्मचारी एवं दलित संगठनों ने संयुक्त रूप से कहा कि हालांकि आज ए डी जी पी वाई पूर्ण कुमार का अंतिम संस्कार हो गया है लेकिन न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।


विरोध सभा को बाद नगर निगम मुख्यालय से नीलम चौक तक जोरदार प्रदर्शन भी किया गया। जिला प्रशासन की ओर से बड़खल एसडीम त्रलोक चन्द बीके चौक पर ज्ञापन लेने पहुंचे ज्ञापन देते हुए प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।


विरोध सभा को संबोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि आईपीएस अधिकारी के अपने अंतिम नोट सहित रिपोर्टों, जातिगत पूर्वाग्रहो में निहित उत्पीड़न अपमान और भेदभाव के एक पैटर्न की और इशारा करती हैं। ऐसा कृत्य कोई अकेली त्रासदी नहीं है, बल्कि उन संरचनात्मक असमानताओं का प्रतिबिंब है, जो हास्य पर पड़े समुदायो के सदस्यों को यहां तक की लोक सेवा के सर्वोच्च पदों पर होते हुए भी उन्हें खतरे में डालती रहती है। इसी तरह के पूर्वग्रहो का एक परिणाम हाल ही में तब देखने को मिला जब सर्वोच्च न्यायालय में बैठे भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई पर जूता फेंका गया।


सभी सफाई कर्मचारी एवं दलित संगठनों द्वारा वाई पूरण कुमार व संदीप लाठर के शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए सत्य और न्याय की जांच में उनके साथ पूरी एकजुट प्रकट करने का ऐलान भी किया । उन्होंने कहा कि हम संयुक्त रूप से मांग करते हैं, की सरकार इस घटनाक्रम पर गंभीरता से संज्ञान लेकर अधिकारी एवं पुलिसकर्मी की मृत्यु के कारणों की न्यायिक जांच करवाई और दोषियों को किसी भी हाल में बक्सा ना जाए। आज के प्रदर्शन को अन्य के अलावा कुर्मी नेता श्रीनन्द ढाकोलिया, रामरतन कर्दम, धर्म सिंह मुला, सुदेश कुमार, देवकीनंदन, प्रेमपाल, नरेश भगवान, बल्लू चंडालिया आदि ने भाग लिया ।

आर्टिकल – नरेश कुमार शास्त्री

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