श्रावस्ती में गैस एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप, 45 उपभोक्ताओं की शिकायत पर FIR दर्ज

Uttarpradesh

डीएम के निर्देश पर हुई जांच

मामले की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय के निर्देश पर गैस एजेंसी की जांच कराई गई। जांच टीम में नायब तहसीलदार, एचपीसीएल के सेल्स ऑफिसर, वरिष्ठ बाट-माप निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक इकौना और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शामिल थे।

जिला पूर्ति अधिकारी दीपक कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि जांच के दौरान मौके पर मौजूद 45 उपभोक्ताओं ने लिखित बयान देकर गैस वितरण में अनियमितताओं की शिकायत की।

स्टॉक जांच में सामने आई गड़बड़ी

जांच के दौरान एजेंसी के स्टॉक का भी सत्यापन किया गया। अधिकारियों को 147 भरे गैस सिलेंडर सही पाए गए, लेकिन खाली सिलेंडरों के आंकड़ों में गड़बड़ी मिली।

जांच में सामने आया कि:

  • 5 किलोग्राम के 10 खाली घरेलू सिलेंडर अधिक पाए गए
  • 14.2 किलोग्राम के 102 खाली घरेलू सिलेंडर कम पाए गए
  • 19 किलोग्राम के 47 खाली कमर्शियल सिलेंडर भी कम पाए गए

हालांकि तौल परीक्षण के दौरान सभी सिलेंडर मानक के अनुरूप पाए गए और तौल उपकरण भी सत्यापित पाया गया।

उपभोक्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप

जांच के दौरान कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी और एजेंसी के कहने पर OTP भी साझा किया, लेकिन बाद में उनका गैस रिफिल सिस्टम में रद्द दिखाया गया।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें भौतिक रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एजेंसी प्रबंधन नहीं दे पाया संतोषजनक जवाब

जांच के दौरान एजेंसी के प्रोपराइटर और प्रबंधक से पूछताछ की गई, लेकिन वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि एजेंसी द्वारा व्यक्तिगत लाभ के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही थी।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज

जिला प्रशासन के अनुसार, यह कृत्य द्रविकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदान और वितरण विनियमन) आदेश 2000 और प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियम) आदेश 2026 के प्रावधानों का उल्लंघन है।

इसी आधार पर एजेंसी के प्रोपराइटर और प्रबंधक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

उपभोक्ताओं को प्रशासन की सलाह

प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस सिलेंडर की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यमों से ही करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

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