हिसार: हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। भाजपा नेता और पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल के कार्यकाल पर की गई विवादास्पद टिप्पणी से बिश्नोई बेहद आहत और गुस्से में हैं।
कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक 5.56 मिनट का वीडियो साझा कर भाजपा आलाकमान को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो वे कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
‘मैं वही पुराना शेर हूं’: बिश्नोई की सीधी चेतावनी
वीडियो में बिश्नोई का अंदाज काफी आक्रामक नजर आया। उन्होंने रेखा शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली को निशाने पर लेते हुए कहा:
“मुझे मजबूर मत करिए कि मैं कोई ऐसा कदम उठाऊं जो आपको अर्श से फर्श पर ले आए। मैं भाजपा का एक अनुशासित सिपाही हूं, इसलिए अभी सिर्फ चेता रहा हूं। याद रखिए, मैं वही पुराना शेर हूं। शेर को पिंजरे में रखा जा सकता है, लेकिन उसके पास जाने की हिम्मत कोई नहीं करता।”
रेखा शर्मा के बयान को बताया ‘मानसिक दुर्बलता’
कुलदीप बिश्नोई ने रेखा शर्मा के बयान पर तीखा प्रहार करते हुए इसे ‘सोच की कमजोरी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में इतिहास रचने के लिए खून-पसीना एक करना पड़ता है। बिश्नोई ने आगे कहा:
. नौसिखिया राजनीतिज्ञ: रेखा शर्मा जैसे नेताओं को जमीनी संघर्ष का ज्ञान नहीं है।
. पद की गरिमा: राज्यसभा सदस्य जैसे सम्मानित पद पर बैठकर ऐसी भाषा शोभा नहीं देती।
. अहंकार: “औकात से ज्यादा मिलने पर बहुत कम लोग उसे पचा पाते हैं, आपका भी यही हाल है।”
प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली पर भी बरसे
बिश्नोई ने केवल रेखा शर्मा ही नहीं, बल्कि हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने नाराजगी जताई कि बड़ोली ने चौधरी भजनलाल के नाम के साथ सम्मानजनक शब्द ‘जी’ तक नहीं लगाया। बिश्नोई ने आरोप लगाया कि बड़ोली जैसे नेताओं को पार्टी ने जनता पर थोप दिया है।
“BJP को मेरा योगदान न भूले पार्टी”
अपनी ताकत का अहसास कराते हुए कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि भाजपा की सरकार बनाने में उनका और उनके समर्थकों का बड़ा हाथ रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा:
- हरियाणा में दो बार भाजपा की सरकार बनाने में मेरा महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- मेरे गठबंधन की वजह से ही पहले लोग भाजपा को राज्य में जानने लगे थे।
- इस बार भी चौधरी भजनलाल के व्यक्तिगत 7.5 प्रतिशत वोट मैंने भाजपा को ट्रांसफर करवाए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कथित तौर पर पूर्व सीएम भजनलाल के कार्यकाल को लेकर ‘बदमाशी’ और चुनावी धांधली जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद से ही बिश्नोई समाज और भजनलाल के समर्थकों में भारी रोष है। कुलदीप बिश्नोई ने मांग की है कि रेखा शर्मा या तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या पार्टी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करे।
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