रिपोर्ट: राधेश्याम मिश्र
Gonda (उत्तर प्रदेश): करनैलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत फतेहपुर कोटहना में चकबंदी पैमाइश का कार्य एक बार फिर विवादों में घिर गया है। जिलाधिकारी (DM) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शनिवार को सर्वे कार्य शुरू नहीं हो सका। आरोप है कि दबंग और भू-माफिया किस्म के लोगों ने मौके पर पहुंची टीम को काम नहीं करने दिया।
तय कार्यक्रम के बावजूद रुका सर्वे
जानकारी के अनुसार, चकबंदी विभाग की टीम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गांव में पैमाइश के लिए पहुंची थी। टीम में लेखपाल, चकबंदी अधिकारी, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौजूद था। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और सर्वे कार्य में बाधा डाल दी।
पहले भी हो चुका है विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 25 अप्रैल 2026 को भी लेखपाल गांव पहुंचे थे, लेकिन तब भी दबंगों के विरोध के चलते चकबंदी का काम नहीं हो सका था। शनिवार को दोबारा वही स्थिति बन गई, जिससे प्रशासनिक प्रयासों पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस मौजूद, फिर भी नहीं शुरू हुआ काम
सूत्रों के मुताबिक, हालात को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया था। हालांकि, विरोध इतना ज्यादा था कि टीम को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। लगातार विरोध के चलते चकबंदी अधिकारी दबाव में नजर आए।
किसानों को हो रहा नुकसान
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भू-माफिया जानबूझकर चकबंदी प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। इससे गांव के आम किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और निष्पक्ष तरीके से चकबंदी कार्य पूरा कराया जाए।
प्रशासन के सामने चुनौती
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कड़े कदम उठाता है। लंबे समय से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को पूरा कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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