पंजाब के तरनतारन जिले में प्रशासन ने एक बड़े अभियान के तहत अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया है। शहर की होली सिटी कॉलोनी में चल रहे इस केंद्र पर छापेमारी कर 52 युवाओं को मुक्त कराया गया, जिन्हें बाद में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां, इंजेक्शन, कैप्सूल और तंबाकू युक्त पदार्थ भी बरामद किए गए।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार, यह अवैध नशा मुक्ति केंद्र करीब एक वर्ष से संचालित हो रहा था। केंद्र में रह रहे कुछ युवाओं ने मारपीट और खराब सुविधाओं की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने फोन के माध्यम से सीधे डीसी कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाई, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत टीम गठित कर छापेमारी की।
एक हॉल में रखे गए थे 52 युवक
डीसी राहुल कुमार के निर्देश पर गठित टीम में तहसीलदार अर्चना शर्मा, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. रुपम चौधरी और थाना सिटी प्रभारी गगनदीप सिंह शामिल थे। छापेमारी के दौरान एक ही हॉल में 52 युवाओं को रखा गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवाओं को बेहद साधारण और घटिया भोजन दिया जाता था। सुबह खिचड़ी या दलिया, दोपहर में चाय के साथ चावल और रात में पतली दाल या आलू की सब्जी के साथ रोटी परोसी जाती थी। भोजन की शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट किए जाने के भी आरोप लगे हैं।
केंद्र सील, संचालक फरार
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने अवैध नशा मुक्ति केंद्र को सील कर दिया। केंद्र का संचालक कंवलजीत सिंह, जो माणोचाहल कलां गांव का रहने वाला बताया जा रहा है, मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
हर युवक से वसूले जाते थे 15 हजार रुपये
डीएसपी सुखबीर सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान नशे में इस्तेमाल होने वाली गोलियां, कैप्सूल, इंजेक्शन, तंबाकू युक्त पदार्थ और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि केंद्र में प्रत्येक युवक से प्रति माह 15 हजार रुपये वसूले जाते थे।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध केंद्र के संचालन में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
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