शिमला: पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। शिमला, सोलन और कुल्लू में आयोजित रैलियों और धरनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सोनम वांगचुक की रिहाई, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
राजधानी शिमला में शेर-ए-पंजाब क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “सोनम वांगचुक जिंदाबाद” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनकी आवाज को दबाने के बजाय समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
सोलन में सीटू (CITU), एसएफआई (SFI) और अन्य सामाजिक संगठनों के बैनर तले चिल्ड्रन पार्क से पुराने विश्राम गृह तक रोष रैली निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
वहीं कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय के बाहर सीटू और सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की जा रही है और लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इस दौरान दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी नारे लगाए गए और सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग दोहराई गई।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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