चंडीगढ़: विदेश जाकर सुनहरे भविष्य का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया से हाल ही में 15 भारतीय नागरिकों को वापस भारत भेज (डिपोर्ट) दिया गया है, जिनमें से 11 युवा पंजाब के रहने वाले हैं। इन युवाओं की सुरक्षित वापसी और उनकी सहायता के लिए
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान
इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया में नियमों के उल्लंघन के चलते इन युवाओं को डिपोर्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा:
“ये सभी हमारे अपने हैं। भले ही उनसे वहां कानून की कोई चूक हुई हो, लेकिन सरकार उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी। हम इनके पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए हर संभव प्रयास करेंगे”।
एजेंटों के जाल की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि कहीं ये युवा फर्जी ट्रैवल एजेंटों के शिकार तो नहीं हुए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
. युवाओं से विस्तार में पूछताछ की जाए कि वे ऑस्ट्रेलिया कैसे पहुंचे।
. यदि किसी अवैध एजेंट ने उन्हें गुमराह किया है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
. जरूरत पड़ने पर इस मामले में विदेश मंत्रालय (MEA) से भी संपर्क किया जाएगा।
पंजाब में ही मिलेंगे रोजगार के अवसर
सीएम मान ने युवाओं से अपील की कि वे विदेशों में जाकर जोखिम उठाने के बजाय अपने देश में रहकर योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के भीतर ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है, ताकि युवाओं को मजबूरी में सात समंदर पार न जाना पड़े।
मुख्य बिंदु:
एक नज़र मेंविवरण जानकारीकुल डिपोर्ट भारतीय 15
पंजाब के युवाओं की संख्या 11
लैंडिंग स्थल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली
सरकार का अगला कदम पुनर्वास और अवैध एजेंटों की जांच
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