कपूरथला की सेंट्रल जेल में बीती रात जो कुछ हुआ, वह सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर गया है। जेल के भीतर कैदियों के एक गुट ने जमकर उपद्रव मचाया, सरकारी संपत्ति को आग के हवाले कर दिया और जेल प्रशासन को घंटों तक पसीने छुड़ा दिए। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले और ग्रेनेड तक चलाने पड़े।
क्या था पूरा मामला?
शनिवार की रात, जब जेल की सामान्य दिनचर्या चल रही थी, तभी अचानक कुछ कैदियों ने जेल के भीतर हिंसा शुरू कर दी। यह उपद्रव रविवार सुबह तक चलता रहा। कैदियों ने न केवल जेल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि आगजनी भी की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जेल के भीतर से ही वीडियो बनाकर वायरल करने की कोशिश की गई, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
31 कैदियों पर दर्ज हुई FIR
जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर कपूरथला पुलिस ने 31 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन सभी पर गंभीर धाराओं के तहत केस बनाया गया है, जिनमें शामिल हैं:
हत्या का प्रयास
सरकारी काम में बाधा डालना
आगजनी और दंगा करना
जेल अधिनियम और IT अधिनियम का उल्लंघन
आपराधिक साजिश
पुलिस के अनुसार, ये सभी कैदी ‘आदतन अपराधी’ (Habitual Offenders) हैं, जिन पर पहले से ही 4-5 गंभीर मामले दर्ज हैं।
तलाशी में मिला प्रतिबंधित सामान
पुलिस और जेल अधिकारियों ने जब स्थिति को शांत करने के बाद बैरकों की तलाशी ली, तो वहां से आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं। इनमें दो मोबाइल फोन, लोहे की रॉड और लाठियां शामिल हैं। सवाल यह है कि इतनी सुरक्षा वाली जेल के अंदर यह सामान कैदियों तक पहुंचा कैसे?
सुरक्षा में बड़ी चूक पर उठे सवाल
यह घटना बताती है कि जेल के भीतर सुरक्षा का तंत्र कहीं न कहीं फेल हुआ है। हाई-टेक जेल होने का दावा करने वाली कपूरथला सेंट्रल जेल में मोबाइल का मिलना और कैदियों का इतना उग्र हो जाना, जेल प्रशासन की निगरानी में बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।
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