हरियाणा के रेवाड़ी से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रविवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार की खुशियों को पल भर में छीन लिया। नेशनल हाईवे-11 पर धामलावास आईटीआई के पास हुई एक दर्दनाक टक्कर में पति-पत्नी और उनके मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
क्या हुआ उस रात?
जानकारी के अनुसार, मृतक परिवार—40 वर्षीय ब्रजमोहन, उनकी 38 वर्षीय पत्नी अनीता और 13 वर्षीय बेटा निमेष—अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे। यह परिवार गुरुग्राम से सीकर गया था, जहाँ वे अपने इकलौते बेटे निमेष के स्कूल एडमिशन का काम पूरा करके वापस आ रहे थे। रात के करीब डेढ़ बज रहे थे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी गाड़ी को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए।
चीख-पुकार और सन्नाटा
टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक कर ट्रक के नीचे दब गया। हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत बचाव दल के लिए भी स्थिति संभालना बेहद मुश्किल था। गाड़ी की बुरी हालत को देखते हुए, शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को गैस कटर और हाइड्रा मशीन का सहारा लेना पड़ा। करीब दो घंटे के कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों के शवों को बाहर निकाला जा सका।
गमगीन है पूरा इलाका
ब्रजमोहन निजी कंपनी में कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी अनीता एक सरकारी शिक्षिका थीं। अपनी आंखों में बेटे के भविष्य को लेकर ढेरों सपने संजोए यह परिवार वापस लौट रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हादसे के बाद अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल, पुलिस ने तीनों शवों को रेवाड़ी नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है, जहाँ पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार या गाड़ी पर नियंत्रण खोने की वजह से हुआ हो सकता है, लेकिन मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक इकलौते बेटे और माता-पिता के एक साथ चले जाने से बोडिया कमालपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। यह हादसा सड़क सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर गया है।
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