जॉब सिक्योरिटी पर फिर देरी, 15 जून तक का अल्टीमेटम, कमेटी गठित…

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हरियाणा में जॉब सिक्योरिटी कानून लागू होने के बावजूद कर्मचारियों को अब तक राहत नहीं मिल पाई है। सरकार ने अब इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है और 15 जून तक जॉब सिक्योरिटी पत्र जारी करने का लक्ष्य तय किया है।

हजारों आवेदन, लेकिन एक भी पत्र जारी नहीं

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर 83,923 कर्मचारियों ने लॉग-इन किया, जिनमें से 59,368 ने आवेदन किया। इनमें से 56,813 कर्मचारियों का डेटा पूरी तरह वेरिफाई भी हो चुका है।

इसके बावजूद 20 मई 2026 तक एक भी कर्मचारी को जॉब सिक्योरिटी का पत्र जारी नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कानून बना, लेकिन जमीन पर असर नहीं

सरकार ने करीब पौने दो साल पहले संविदा, आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह कानून लागू किया था।

इसमें प्रावधान था कि 15 अगस्त 2025 तक पांच साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी दी जाएगी। सरकार का दावा था कि इससे करीब 1.20 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हो पाया है।

पोर्टल प्रक्रिया बनी परेशानी

सरकार द्वारा नया पोर्टल शुरू करने के बाद पुराने जॉब सिक्योरिटी पत्र रद्द कर दिए गए और कर्मचारियों को दोबारा आवेदन करने को कहा गया।

इस दौरान कर्मचारियों को लॉगइन, ओटीपी और दस्तावेज अपलोड जैसी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे पूरी प्रक्रिया और ज्यादा लंबी हो गई।

CM का आदेश, 15 जून तक जारी हों पत्र

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों का डेटा वेरिफाई हो चुका है, उन्हें 15 जून 2026 तक जॉब सिक्योरिटी पत्र जारी किए जाएं।

शिकायतों के समाधान के लिए बनी कमेटी

सरकार ने जॉब सिक्योरिटी कानून और हरियाणा कौशल रोजगार निगम से जुड़े विवादों के समाधान के लिए को-ऑर्डिनेशन शिकायत निवारण समिति का गठन किया है।

कमेटी का ढांचा और जिम्मेदारियां

इस कमेटी का अध्यक्ष मानव संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का नामित अधिकारी होगा।

कमेटी में वित्त विभाग, सीआरआईडी के आईटी विशेषज्ञ और HKRNL के प्रतिनिधि शामिल होंगे। HKRNL को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल एजेंसी बनाया गया है।

मुख्य कार्य:

जॉब सिक्योरिटी कानून से जुड़े मामलों की जांच
विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना
कोर्ट में जाने से पहले विवादों का समाधान
लंबित मामलों की पहचान और समाधान
नियमित बैठक और शिकायत निवारण

कमेटी सप्ताह में कम से कम दो बार बैठक करेगी और सामान्य मामलों का निपटारा 15 दिनों में किया जाएगा।

कर्मचारियों में बढ़ रहा आक्रोश

जिन कर्मचारियों का डेटा पहले ही वेरिफाई हो चुका है, वे लंबे समय से जॉब सिक्योरिटी पत्र का इंतजार कर रहे हैं।

उनका कहना है कि बार-बार आवेदन और सत्यापन के बावजूद राहत नहीं मिल रही, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है।

उम्मीद अब नई कमेटी से

अब सरकार द्वारा गठित इस को-ऑर्डिनेशन कमेटी से उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित मामलों का जल्द समाधान होगा और पात्र कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सकेगा।

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