चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH-32) से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के शौचालय में एक 24 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। मृतक डॉक्टर की पहचान डॉ. योगेश के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे अस्पताल परिसर और मेडिकल स्टाफ में हड़कंप मच गया है।
काफी देर तक बाहर नहीं आए, दरवाजा तोड़ा तो उड़े होश
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को ड्यूटी के दौरान डॉ. योगेश ट्रॉमा सेंटर स्थित शौचालय (टॉयलेट) में गए थे। जब वे काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो वहां मौजूद उनके साथी डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य स्टाफ को किसी अनहोनी का संदेह हुआ। स्टाफ ने कई बार शौचालय का दरवाजा खटखटाया और डॉ. योगेश को आवाजें दीं, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया (रिस्पॉन्स) नहीं मिला। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दरवाजा तोड़ा गया। अंदर डॉ. योगेश अचेत अवस्था में पड़े थे। अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें इमरजेंसी वार्ड में लाकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से मिले पोटैशियम क्लोराइड के इंजेक्शन, सुसाइड की आशंका?
मूल रूप से पंजाब के जालंधर के रहने वाले 24 वर्षीय डॉ. योगेश ने महज तीन महीने पहले ही GMCH-32 में बतौर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर अपनी सेवाएं शुरू की थीं। इतनी कम उम्र में और करियर के शुरुआती दौर में डॉक्टर की इस तरह संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, जिस जगह से शव मिला है, वहां से पोटैशियम क्लोराइड के इंजेक्शन बरामद हुए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी खुदकुशी (सुसाइड) की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती कयास इसी दिशा में लगाए जा रहे हैं।
फोरेंसिक टीम ने की वीडियोग्राफी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-34 थाना पुलिस और फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से जरूरी साक्ष्य (एविडेंस) जुटाए। सबूतों की पारदर्शिता के लिए पुलिस ने पूरे घटनाक्रम और क्राइम सीन की वीडियोग्राफी भी करवाई है।
पुलिस का बयान: सेक्टर-34 थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की असली वजह और पोटैशियम क्लोराइड की ओवरडोज की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। डॉ. योगेश के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और वे जालंधर से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं।चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों के बीच इस घटना के बाद गहरा शोक है। काम के दबाव या किसी अन्य मानसिक तनाव को लेकर भी सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
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