जींद में सरकारी नौकरी के नाम पर महाठगी: फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर करवाई ट्रेनिंग..

Haryana

कैसे शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल?
यह पूरा मामला जुलाई 2024 से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता रामपाल (निवासी गांव मोहनगढ़ छापड़ा) की जान-पहचान गांव उदयपुर के रहने वाले हरपाल से काफी पुरानी थी। जुलाई 2024 में दोनों की मुलाकात उचाना की एक फोटोस्टेट दुकान पर हुई। मुलाकात के दौरान हरपाल ने रामपाल को झांसा दिया कि उसका एक साथी कपिल (निवासी गांव खरकड़ा, हांसी) चंडीगढ़ में फाइनेंस विभाग (वित्त विभाग) में एक ऊंचे पद पर कार्यरत है। हरपाल ने दावा किया कि कपिल की बड़े अधिकारियों के साथ अच्छी सेटिंग है और उसने पहले भी कई युवाओं को फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ग्रुप-सी, विश्वविद्यालयों में चपरासी, क्लर्क और ड्राइवर के पदों पर सरकारी नौकरी लगवाया है।

    विश्वास में लेकर ऐंठे ₹29 लाख, थमाए फर्जी दस्तावेज
    हरपाल के झांसे में आकर रामपाल ने अपने जानकार युवाओं—संजय (निवासी पेटवाड़), सुखचैन (निवासी आंधली) और अंकुश (निवासी सिसला) को एफसीआई ग्रुप-सी में सहायक के पद पर लगवाने के लिए उनके शैक्षणिक दस्तावेज, फोटो और मोबाइल नंबर आरोपियों को सौंप दिए।

      आरोपियों ने नौकरी पक्की कराने के एवज में अलग-अलग किस्तों में कुल 28 लाख 95 हजार रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। ठगों का जाल इतना शातिर था कि उन्होंने युवाओं का विश्वास जीतने के लिए बकायदा फर्जी ज्वाइनिंग लेटर तैयार करके दिए और कुछ समय के लिए उनकी फर्जी ट्रेनिंग (Training) तक का ढोंग भी रचाया, ताकि किसी को कोई शक न हो।

      भंडाफोड़ होने पर लौटाए कुछ पैसे, फिर दी धमकी
      जब काफी समय बीत जाने के बाद भी युवाओं की वास्तविक जॉइनिंग नहीं हुई और विभाग से जांच करने पर पता चला कि दिए गए ज्वाइनिंग लेटर पूरी तरह फर्जी हैं, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। भंडाफोड़ होने के बाद जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे और पुलिस में जाने की बात कही, तो आरोपियों ने दबाव में आकर 11 लाख रुपये वापस लौटा दिए। लेकिन बाकी बची रकम (लगभग 18 लाख रुपये) देने से साफ मुकर गए और पीड़ितों को अंजाम भुगतने की धमकियां देने लगे।

      उचाना पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
      आखिरकार रामपाल समेत सभी 9 पीड़ित युवाओं ने एकजुट होकर उचाना थाना पुलिस में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी कपिल, हरपाल सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS की संबंधित धाराओं) का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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