हरियाणा के बहल क्षेत्र में गुरुवार देर शाम आए भीषण चक्रवाती तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। चक्रवातों जैसी तेज हवाओं के कारण बहल सब डिवीजन में 340 से अधिक बिजली के खंभे उखड़ गए और 50 से ज्यादा भारी-भरकम ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे। इस अप्रत्याशित नुकसान से जहां पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया, वहीं कृषि कार्यों पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। हालांकि, मौसम के इस बदले मिजाज से लोगों को पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से तो राहत मिली, लेकिन बिजली संकट ने जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं।
ब्लैकआउट से थमा जनजीवन, ग्रामीण इलाकों में हाहाकार
गुरुवार की शाम अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते धूल भरी तेज आंधी ने पूरे बहल क्षेत्र को अपनी आगोश में ले लिया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बिजली विभाग का पूरा बुनियादी ढांचा ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। बिजली गुल होने की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया। खासकर ग्रामीण अंचलों में लोगों को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ी, जिससे पेयजल आपूर्ति से लेकर रोजमर्रा के जरूरी काम ठप हो गए।
खेती-किसानी पर भारी मार: 50 से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
बिजली वितरण निगम की बहल सब डिवीजन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस तूफान ने सबसे ज्यादा चोट कृषि क्षेत्र पर की है। खेतों में सिंचाई और ट्यूबवेल संचालन के लिए लगाए गए 50 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर आंधी के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर पाए और सीधे खेतों में धराशाई हो गए। खंभों के टूटने और तार बिछ जाने के कारण खेतों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे किसानों के सामने सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
22 लाख रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन
मामले की गंभीरता को देखते हुए बहल सब डिवीजन के सहायक महाप्रबंधक (SDO) ऋषभ कुमार ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से विभाग को बड़े पैमाने पर आर्थिक और ढांचागत क्षति हुई है। शुरुआती सर्वे और प्रारंभिक आकलन के अनुसार, विभाग को करीब 22 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। कई मुख्य और लिंक लाइनों के तार पूरी तरह टूट चुके हैं, जिन्हें नए सिरे से बदलना पड़ रहा है।
युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी, अधिकांश गांवों में बिजली बहाल
सहायक महाप्रबंधक ऋषभ कुमार ने राहत की खबर देते हुए बताया कि नुकसान की सूचना मिलते ही बिजली कर्मचारियों और तकनीकी टीमों को तुरंत फील्ड में उतार दिया गया था। लाइनमैन और फील्ड स्टाफ दिन-रात एक करके प्रभावित इलाकों में मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा:
“हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता पहले घरेलू आपूर्ति को बहाल करना था। लगातार प्रयास के बाद अधिकांश गांवों में घरों की बिजली सुचारू कर दी गई है। अब हमारा पूरा ध्यान कृषि और सिंचाई से जुड़ी लाइनों तथा गिरे हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने पर है। इसके लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है और बहुत जल्द पूरे क्षेत्र में शत-प्रतिशत बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।”
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