अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय हथियार रैकेट का पर्दाफाश: अफगान नागरिक समेत स्मगलर गिरफ्तार..

Punjab

पंजाब में संगठित अपराध (Organized Crime) और गैंगस्टरों को हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ अमृतसर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर जाल बिछाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक अफगान (अफगानिस्तान) नागरिक और उसके तीन स्थानीय सहयोगियों को दबोच लिया। इनके कब्जे से भारी मात्रा में विदेशी और आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं.

कैसे काम करता था यह सीमा पार का नेटवर्क?
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश और पूछताछ में इस गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, गिरफ्तार आरोपी सीधे सीमा पार बैठे बड़े हथियारों के तस्करों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के संपर्क में थे। गुप्त ड्रॉप प्वाइंट्स का खेल: पाकिस्तान या सीमा पार के इलाकों से अत्याधुनिक हथियारों की खेप को भारत-पाक सीमा के पास निर्धारित गुप्त ड्रॉप प्वाइंट्स (संभावित रूप से ड्रोन या अन्य माध्यमों से) पर गिराया जाता था। वहां से ये आरोपी खेप को उठाते थे और पंजाब के विभिन्न जिलों में सक्रिय आपराधिक गैंगों और शूटरों तक इसकी डिलीवरी सुनिश्चित करते थे।

    हथियार तस्करी के साथ ‘हवाला’ का तगड़ा कनेक्शन
    जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह केवल हथियारों की तस्करी तक ही सीमित नहीं था। हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए जिस रकम का इस्तेमाल होता था, उसे वैध बैंकिंग चैनलों के बजाय हवाला नेटवर्क (Hawala Network) के जरिए ट्रांसफर किया जाता था। करोड़ों रुपये की इस अवैध आर्थिक गतिविधि के तार विदेशों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। अमृतसर पुलिस अब इस रैकेट के फाइनेंशियल ट्रेल (Financial Trail) को खंगालने के लिए विंग के विशेषज्ञों की मदद ले रही है।

    दो अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज
    मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर के इस्लामाबाद और गेट हकीमा थाना क्षेत्रों में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अलग-अलग प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट की जड़ें पंजाब में और कहां-कहां फैली हुई हैं।

    सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस, और गिरफ्तारियां संभव
    अमृतसर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस जांच का मुख्य उद्देश्य केवल इन मोहरों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि: इस खेप से पहले पंजाब में कुल कितनी हथियार डिलीवरी की जा चुकी हैं? इन अत्याधुनिक पिस्तौलों को पंजाब के किन-किन गैंगस्टरों या अपराधियों को बेचा जाना था? स्थानीय स्तर पर इन्हें पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले अन्य मददगार कौन हैं? पुलिस का दावा है कि आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स से कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और हथियारों के जखीरे की बरामदगी हो सकती है।

      What do you feel about this post?

      0%
      like

      Like

      0%
      love

      Love

      0%
      happy

      Happy

      0%
      haha

      Haha

      0%
      sad

      Sad

      0%
      angry

      Angry

      Leave a Reply

      Your email address will not be published. Required fields are marked *