पंजाब: राज्य में आज से स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत लगभग 24,453 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे और मतदाता सूची को अपडेट करेंगे। इस प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ कई तरह के सवाल और भ्रम भी देखने को मिल रहे हैं।
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करना है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और अपात्र नामों को हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसे पूरी सावधानी के साथ लागू किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार राज्य में अब तक 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग का काम पूरा हो चुका है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि अभी भी लगभग 30 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इन मतदाताओं को भी BLO के माध्यम से कवर किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान अधिकार से वंचित न रह जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के दौरान वोट कटने का डर निराधार है। यदि किसी मतदाता का रिकॉर्ड अधूरा या गलत पाया जाता है तो उसे सुधारने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच और प्रक्रिया के सूची से नहीं हटाया जाएगा।
SIR प्रक्रिया के तहत BLO घर-घर जाकर मतदाताओं से जरूरी जानकारी एकत्र करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। इसमें नाम, पता, उम्र और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। यह पूरी कवायद डिजिटल और फील्ड स्तर पर समन्वय के साथ की जा रही है।
विदेशों में रह रहे भारतीय मतदाताओं और स्थानीय नागरिकों के बीच फैले भ्रम को दूर करते हुए निर्वाचन कार्यालय ने कहा है कि यह प्रक्रिया मताधिकार को मजबूत करने के लिए है, न कि किसी को हटाने के लिए। अधिकारियों का मानना है कि इससे आने वाले चुनावों में अधिक सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार होगी।
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