आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राम मंदिर न जाने और मामले की जांच के लिए गठित SIT की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद पिछले ढाई वर्षों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी अयोध्या जाकर भगवान रामलला के दर्शन करने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने चुनावी भाषणों और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर का कई बार उल्लेख किया, लेकिन भगवान राम के दर्शन के लिए समय नहीं निकाला।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने पिछले 891 दिनों में अपने भाषणों और इंटरव्यू में 42 से अधिक बार राम मंदिर का जिक्र किया और कई मौकों पर भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राम मंदिर भाजपा की आस्था का केंद्र है, तो फिर मंदिर बनने के बाद वहां जाकर भगवान राम का आशीर्वाद लेने से दूरी क्यों बनाई गई।
SIT जांच को लेकर भी केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह जांच केवल दिखावे के लिए की जा रही है और दर्ज की गई एफआईआर भी वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय उन्हें बचाने का माध्यम बन गई है। उनके अनुसार, कथित चढ़ावा चोरी मामले के असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस मुद्दे पर वह अगले दिन एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अतिरिक्त तथ्य सामने रखेंगे।
अपने संबोधन के अंत में केजरीवाल ने कहा कि राम भक्तों को इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका दावा था कि यदि कथित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी है, तो राजनीतिक बदलाव जरूरी होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि संबंधित लोग एक-दूसरे को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
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