नई दिल्ली: भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने और फसलों के लिए एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी मुख्य मांगों को लेकर मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट पर किसानों की विशाल महारैली बुलाई गई है। ‘देश बचाओ मोर्चा’ के आह्वान पर आयोजित इस महापंचायत में देशभर के 550 से अधिक किसान संगठन और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए शंभू बॉर्डर समेत कई सीमाओं पर कड़ी बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे पंजाब, हरियाणा और यूपी से सटे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी: किन रास्तों से बचें?
विरोध प्रदर्शन और किसानों की आमद को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिशानिर्देश जारी किए हैं:
- प्रभावित मार्ग: पुलिस ने सुबह 8:30 बजे से आवश्यकतानुसार डायवर्जन लागू करने की बात कही है। आम जनता को सत्याग्रह मार्ग, वेलोड्रोम रोड और राजघाट डीटीसी डिपो रोड के आसपास के इलाकों से बचने की सलाह दी गई है।
- यात्रियों के लिए सलाह: रेलवे स्टेशन, बस अड्डे या आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अपने समय से अतिरिक्त मार्जिन लेकर घर से निकलें।
किसान आंदोलन का मुख्य मुद्दा: क्यों हो रहा है विरोध?
किसान नेताओं का तर्क है कि भारत-अमेरिका व्यापार संधि लागू होने से भारतीय कृषि क्षेत्र पर गहरा संकट मंडराएगा:
किसानों की मुख्य चिंताएं:
- उत्पादन और आमदनी पर असर: अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पादों और डेयरी उत्पादों के आयात से देश के गेहूं, धान, सब्जी और डेयरी किसानों की आय में भारी गिरावट आएगी।
- कॉरपोरेट का दबदबा: मंडियों में फसल के दाम गिरने से छोटे व सीमांत किसानों की जमीनें कॉरपोरेट घरानों के हाथों में जाने का डर है।
- प्रमुख मांग: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तुरंत रद्द किया जाए और सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून बनाया जाए।
सीमाओं पर मुस्तैदी और गहमागहमी
दिल्ली कूच को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मेरठ एक्सप्रेसवे, करनाल टोल प्लाजा और महुअन टोल (मथुरा) पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह किसानों को रोके जाने के कारण टोल प्लाजा पर तीखी नोकझोंक और धरने की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
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