अमरोहा: दिल्ली से मुरादाबाद तक प्रस्तावित रैपिड रेल (नमो भारत) कॉरिडोर को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब ₹10 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विजन रिपोर्ट अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। खासतौर पर अमरोहा जिले के लोगों के लिए यह परियोजना विकास के नए अवसर लेकर आएगी।
प्रस्तावित कॉरिडोर मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक पहुंचेगा। योजना के तहत जोया और गजरौला में रैपिड रेल स्टेशन बनाए जाने की संभावना है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो अमरोहा के यात्रियों को पहली बार सीधे रैपिड रेल सेवा का लाभ मिलेगा और दिल्ली की यात्रा लगभग 90 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल यात्रा का समय कम नहीं करेगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को भी काफी हद तक कम करेगी। सर्वे के अनुसार दिल्ली रोड से वर्तमान में हर घंटे करीब 16 हजार वाहन गुजरते हैं, जबकि आने वाले वर्षों में यह संख्या 25 हजार प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं जोया और ब्रजघाट टोल से प्रतिदिन लगभग 40 हजार वाहन गुजरते हैं। ऐसे में रैपिड रेल को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से एक दीर्घकालिक समाधान माना जा रहा है।
परियोजना के शुरू होने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होगा, जिससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
योजना के तहत गजरौला जीरो प्वाइंट पर आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) विकसित करने का भी प्रस्ताव है, जिससे बस और रैपिड रेल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण चार चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में पाकबड़ा से जोया, दूसरे में जोया से गजरौला, तीसरे में गजरौला से हापुड़ और चौथे चरण में हापुड़ से गाजियाबाद तक कॉरिडोर विकसित होगा। अधिकांश ट्रैक राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊपर बनाया जाएगा ताकि सड़क और रेल दोनों का संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके।
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