उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट का विस्तार कर दिया। लंबे इंतजार के बाद पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल में कुल सदस्यों की संख्या बढ़कर 12 हो गई।
राजभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
देहरादून स्थित राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्री पद की शपथ लेने वालों में मदन कौशिक, खजान दास, भारत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह केड़ा शामिल रहे।
शपथ ग्रहण की शुरुआत खजान दास से हुई, जबकि भारत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।
लंबे समय से चल रही थी अटकलें
राज्य में कैबिनेट विस्तार को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी। कई विधायक मंत्री बनने की दौड़ में शामिल थे। आखिरकार नवरात्रि के दूसरे दिन इस विस्तार को अमलीजामा पहनाया गया, जिसे राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
खाली पदों को किया गया भरने का काम
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल में कुल 12 पद निर्धारित हैं। इससे पहले केवल 7 मंत्री ही कार्यरत थे। वर्ष 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन और 2025 में प्रेमचंद्र अग्रवाल के इस्तीफे के बाद पांच पद खाली हो गए थे। अब नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सभी पद भर गए हैं।
चुनाव से पहले संतुलन साधने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। अलग-अलग क्षेत्रों के विधायकों को शामिल कर संगठन और सरकार दोनों को मजबूत करने का संदेश दिया गया है।
यह कैबिनेट विस्तार आगामी चुनावों से पहले सरकार की रणनीतिक चाल माना जा रहा है, जो राजनीतिक समीकरणों को साधने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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