CEIR पोर्टल की मदद से बरामद किए गुमशुदा मोबाइल, स्वामियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान…

Uttarakhand

खोए हुए मोबाइल स्वामियों को मिली बड़ी राहत
उत्तराखंड के विकासनगर (देहरादून) से एक सकारात्मक खबर सामने आई है, जहां कोतवाली पुलिस ने तकनीकी सूझबूझ का परिचय देते हुए आम जनता के खोए हुए कीमती मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। कोतवाली पुलिस ने हाल ही में विभिन्न स्थानों से गुम हुए 7 मोबाइल फोन को बरामद करने में सफलता हासिल की है। इन बरामद किए गए फोनों की कुल बाजार कीमत लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन सभी फोन को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द कर दिया।

अब तक 15 लाख के मोबाइल फोन हो चुके हैं बरामद
विकासनगर कोतवाली पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में मोबाइल चोरी और गुमशुदगी की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम अब तक लगातार प्रयास करके कुल 70 मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है, जिनकी सामूहिक कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। यह रिकवरी उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपने महंगे स्मार्टफोन खोने के बाद दोबारा मिलने की आस छोड़ चुके थे।

क्या है कार्यप्रणाली? कैसे काम करता है CEIR पोर्टल?
पुलिस ने बताया कि इस पूरी सफलता के पीछे भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित ‘संचार साथी’ (CEIR पोर्टल) की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। पुलिस की कार्यप्रणाली इस प्रकार काम करती है: तत्काल गुमशुदगी दर्ज करना: जैसे ही किसी नागरिक का फोन खोने की शिकायत थाने में प्राप्त होती है, पुलिस बिना वक्त गंवाए उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करती है। पोर्टल पर ब्लॉकिंग और ट्रेसिंग: इसके बाद फोन के आईएमईआई (IMEI) नंबर को CEIR पोर्टल पर अपलोड कर ‘ट्रेसिंग’ और ‘ब्लॉकिंग’ मोड पर डाल दिया जाता है। सिम बदलते ही अलर्ट: जैसे ही कोई अन्य व्यक्ति उस खोए हुए फोन में नया सिम कार्ड डालता है, पोर्टल के माध्यम से पुलिस को तुरंत अलर्ट और लोकेशन मिल जाती है, जिससे फोन को ट्रैक करना बेहद आसान हो जाता है।

    जनता ने जताया उत्तराखंड पुलिस का आभार
    विकासनगर कोतवाली परिसर में जब मोबाइल स्वामियों को उनके फोन वापस दिए गए, तो कई लोगों की आंखें खुशी से छलक उठीं। उपभोक्ताओं का कहना था कि आज के दौर में मोबाइल केवल एक उपकरण नहीं है, बल्कि उसमें बेहद संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा, बैंक डिटेल्स और जरूरी दस्तावेज होते हैं। फोन वापस मिलने पर सभी नागरिकों ने विकासनगर पुलिस की मुस्तैदी, त्वरित कार्रवाई और आधुनिक कार्यशैली की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उत्तराखंड पुलिस का धन्यवाद किया।

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