उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रायपुर थाने की हवालात में बंद एक पीआरडी (PRD) जवान, सुनील रतूड़ी (45 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब रायपुर इलाके के एक पेट्रोल पंप पर हंगामे की सूचना मिली। आरोप है कि सुनील रतूड़ी नशे की हालत में थे और वहां मौजूद लोगों को नकली पिस्टल दिखाकर धमका रहे थे। पुलिस ने उन्हें ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ और झगड़े के आरोप में हिरासत में लिया और थाने की हवालात में बंद कर दिया।
हवालात में क्या हुआ?
शुरुआती पुलिस थ्योरी के मुताबिक, हिरासत के दौरान सुनील ने आत्मघाती कदम उठाया। बताया जा रहा है कि उन्होंने हवालात में मिले कंबल को फाड़कर उसका फंदा बनाया और आत्महत्या कर ली। जैसे ही संतरी और अन्य कर्मियों को इसकी भनक लगी, थाने में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
परिजनों के संगीन आरोप: “यह खुदकुशी नहीं, साजिश है”
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन थाने पहुंचे और पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया। परिवार का कहना है कि:
- सुनील के गले पर वे निशान नहीं थे जो आमतौर पर फंदा लगाने से बनते हैं।
- पुलिस ने घटना की जानकारी देने में अनावश्यक देरी की।
- परिजनों ने इसे आत्महत्या के बजाय एक गहरी साजिश या लापरवाही का नतीजा बताया है।
कड़ा एक्शन: 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मामले के तूल पकड़ते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत कार्रवाई की है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए रायपुर थानाध्यक्ष (SHO) समेत 4 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
आगे की कार्रवाई: इस पूरे प्रकरण की अब मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या हवालात की सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई और क्या उस वक्त ड्यूटी पर तैनात कर्मी सतर्क थे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
