नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। दशकों से चले आ रहे सियासी समीकरणों को ध्वस्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बंगाल के रण में ‘प्रचंड विजय’ हासिल की है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अभेद्य किले को ढहाते हुए भाजपा ने 206 सीटों के साथ जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।
इस महाविजय के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के प्रसिद्ध चित्तरंजन पार्क (CR Park) स्थित कालीबाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की और मां काली का आशीर्वाद लिया।
मंदिर में शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा
जीत की खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए कालीबाड़ी मंदिर पहुंचे नितिन नवीन के साथ नवनियुक्त सीएम रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद रहे। पूजा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नितिन नवीन ने कहा:
“यह जीत बंगाल की जनता की जीत है। वहां की महान संस्कृति और विरासत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही नई ऊंचाई मिल सकती है। हम कामना करते हैं कि बंगाल समेत पूरे देश में शांति और समृद्धि का वास हो।”
प्रमुख चुनावी आंकड़े: एक नजर में
दल सीटें (2026 चुनाव) स्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 206 प्रचंड बहुमत
तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 विपक्ष
अन्य 08 –
ममता बनर्जी की करारी हार और शुभेंदु का ‘डबल धमाका’
इस चुनाव के सबसे चौंकाने वाले नतीजे भवानीपुर और नंदीग्राम से आए हैं। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने कांटे की टक्कर में पराजित किया।
. दोहरी जीत: शुभेंदु अधिकारी ने न केवल भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया, बल्कि नंदीग्राम से भी अपनी जीत का परचम लहराया।
. मंत्रियों का पतन: ममता सरकार के करीब 20 कद्दावर मंत्री अपनी सीटें बचाने में नाकाम रहे।
ऐतिहासिक सफर: 2011 में शून्य पर रहने वाली भाजपा ने 15 साल पुराने टीएमसी शासन को जड़ से उखाड़ फेंका है।
बंगाल में भगवा लहर का कारण
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का जमीनी स्तर पर अनथक संघर्ष और विकास का एजेंडा जनता को भा गया है। तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों पर सिमट गई है, जो भाजपा के पिछले प्रदर्शन (77 सीटें) के लगभग बराबर है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और पूरे राज्य में जश्न का माहौल है।
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