डीएम अन्नपूर्णा गर्ग और एसपी राहुल भाटी ने ‘जनता दर्शन’ में सुनीं जनसमस्याएं…

Uttarpradesh

उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए श्रावस्ती जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में, बुधवार को जिलाधिकारी (डीएम) अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल भाटी ने अपने-अपने कार्यालयों में ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट और पुलिस कार्यालय पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और मातहतों को गुणवत्तापूर्ण व शुचितापूर्ण ढंग से समय सीमा के भीतर निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।

जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन के दौरान दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए लोगों से सीधा संवाद किया।

  • स्वयं देखीं शिकायतें: डीएम ने प्रत्येक फरियादी से खुद मुलाकात कर उनके प्रार्थना पत्रों को देखा। इस दौरान उनके समक्ष कुल 14 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जो राजस्व, विकास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित थे।
  • संतुष्टि का मोबाइल ऑडिट: जिलाधिकारी ने एक नई और पारदर्शी व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि अब शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक सीधे फरियादी के मोबाइल नंबर पर कॉल करके लिया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि पीड़ित अपनी समस्या के समाधान से कितना संतुष्ट है।
  • समय पर दफ्तर बैठने के निर्देश: डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें। उन्होंने साफ किया कि हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

“आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ और न्याय मिलना ही चाहिए।”

अन्नपूर्णा गर्ग, जिलाधिकारी, श्रावस्ती

एसपी राहुल भाटी ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश, कहा- ‘संवाद से मजबूत करें कानून व्यवस्था’

दूसरी तरफ, पुलिस कार्यालय में एसपी राहुल भाटी ने भी आम जनता की शिकायतों को सुना। बुधवार को आयोजित इस जनसुनवाई में मुख्य रूप से जमीनी विवाद, आपसी मारपीट, पारिवारिक कलह और साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले सामने आए।

  • शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण: एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर एक प्रार्थना पत्र पर बिना किसी पक्षपात के त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
  • विधिक कार्रवाई की चेतावनी: उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के मुताबिक पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या टालमटोल की बात सामने आई, तो संबंधित पुलिसकर्मी या अधिकारी के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
  • जनता से बढ़ाएं संवाद: एसपी ने पुलिस महकमे को जनता के साथ बेहतर समन्वय और फ्रेंडली पुलिसिंग स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि समाज में सुरक्षा और त्वरित न्याय की भावना को और मजबूत किया जा सके।

श्रावस्ती के इन दोनों शीर्ष अधिकारियों के इस कड़े रुख से साफ है कि जिले में प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को पूरी तरह से जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे पीड़ित लोगों को न्याय के लिए भटकना न पड़े।

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