विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी (IRDT) सभागार में आयोजित एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता किट वितरित की गईं, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ जीवन शैली अपना सकें।
मासिक धर्म ईश्वर का पवित्र आशीर्वाद: रेखा आर्या
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मासिक धर्म (पीरियड्स) को लेकर समाज में फैली रूढ़िवादी सोच पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
- सृष्टि की सृजनकर्ता: मासिक धर्म कोई अभिशाप या शर्म का विषय नहीं है, बल्कि यह ईश्वर द्वारा महिलाओं को दिया गया एक पवित्र आशीर्वाद है, जो उन्हें इस अनमोल सृष्टि की सृजनकर्ता बनाता है।
- वैज्ञानिक आधार: भारतीय परंपरा और संस्कृति में इस जैविक प्रक्रिया को पूरी तरह प्राकृतिक और वैज्ञानिक माना गया है। यह नारी की सृजन क्षमता का असली आधार है।
- सामाजिक सोच बदलना जरूरी: मंत्री ने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक दौर में भी इस विषय पर समाज में कई भ्रांतियां और झिझक फैली हुई है, जिसे दूर कर सामाजिक दृष्टिकोण को बदलना बेहद जरूरी है।
बालिकाओं से अपील: कैबिनेट मंत्री ने शिविर में मौजूद सभी बालिकाओं और युवतियों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, पोषक व स्वास्थ्यवर्धक खान-पान अपनाने और मासिक धर्म के दौरान पूरी तरह से स्वच्छ उपायों को अमल में लाने की अपील की।
₹1 में सेनेटरी पैड: सरकारी योजनाओं से संवर रहा ग्रामीण महिलाओं का स्वास्थ्य
महिला कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए रेखा आर्या ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
- मोदी सरकार की बड़ी पहल: देश के सभी जनऔषधि केंद्रों पर अब गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए मात्र ₹1 में सुरक्षित सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे हर वर्ग की महिला की पहुंच सुरक्षित संसाधनों तक हो सके।
- मेरी सहेली नैपकिन वेंडिंग मशीन: उत्तराखंड राज्य सरकार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ‘मेरी सहेली’ नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित कर रही है।
- आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका: ग्रामीण अंचलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और उन्हें सुरक्षित स्वच्छता किट व सैनिटरी नैपकिन से जोड़कर उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाया जा रहा है।
इस जागरूकता शिविर का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को बिना किसी संकोच के अपने स्वास्थ्य और स्वच्छता पर खुलकर बात करने और सुरक्षित साधन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
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