किन्नौर जिले के भावानगर क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब काचरंग नाले में अचानक बादल फटने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद नाले में तेज बहाव के साथ अचानक बाढ़ आ गई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का स्तर कुछ ही मिनटों में तेजी से बढ़ गया और नाले का रुख इतना तेज हो गया कि रास्ते में आने वाला सब कुछ इसकी चपेट में आ गया। ग्रामीणों में देर रात तक भय और असमंजस का माहौल बना रहा।
पैदल पुल और पेयजल सिस्टम को भारी नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव के कारण क्षेत्र में बना एक पैदल पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा कई पेयजल पाइपलाइनें भी बाढ़ में बह गईं, जिससे इलाके की जल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
जल शक्ति विभाग का एक पेयजल भंडारण टैंक भी इस आपदा की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे क्षेत्र में पानी की समस्या और गंभीर हो गई है।
जनहानि नहीं, लेकिन ग्रामीणों में दहशत
राहत की बात यह रही कि काचरंग गांव नाले से दूरी पर स्थित होने के कारण इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि अचानक आई बाढ़ ने स्थानीय लोगों को पूरी तरह हिला दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय अचानक आई इस आपदा ने उन्हें डर और अनिश्चितता की स्थिति में डाल दिया। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे।
राहत और बहाली कार्य तेज
घटना की सूचना मिलते ही जल शक्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके।
विभाग द्वारा क्षति का आकलन भी किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार की जा सके।
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