देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Doon-Delhi Expressway) के जरिए एक नया कीर्तिमान साझा किया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा देहरादून की यात्रा की और इस सफर को महज 2.5 घंटे में पूरा किया।
मुख्यमंत्री ने इस अनुभव को आधुनिक भारत की ‘नई रफ्तार’ करार देते हुए इसे इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव बताया है।
सफर में समय की भारी बचत
ख्यमंत्री धामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले दिल्ली से देहरादून की दूरी तय करने में 5 से 6 घंटे का समय लगता था। लेकिन अब इस नए एक्सप्रेसवे की बदौलत यह समय घटकर आधा रह गया है।
“यह कनेक्टिविटी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ने उत्तराखंड की दूरी को दिल्ली से बहुत कम कर दिया है।” – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह कॉरिडोर केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के विकास का ‘इकोनॉमिक इंजन’ है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
. पर्यटन को बढ़ावा: कम समय लगने के कारण अब दिल्ली-NCR से पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा।
. चारधाम यात्रा: श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की राह अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।
. रोजगार और निवेश: बेहतर कनेक्टिविटी से राज्य में नए उद्योगों और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी।
. आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: यह कॉरिडोर वन्यजीवों की सुरक्षा (Wildlife Corridors) और आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है।
‘नए भारत की नई रफ्तार’
सीएम धामी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम के नेतृत्व में जिस गति से सड़कों का जाल बिछ रहा है, उससे उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को सबसे अधिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ बताया।
यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचा रहा है, बल्कि सुरक्षित और आरामदायक सफर का भरोसा भी दे रहा है। आने वाले दिनों में यह रूट उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित होने वाला है।
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