पुरातात्विक उत्खनन में हरियाणा अव्वल: राखीगढ़ी और अग्रोहा साइट्स पर ASI ने खर्च किए ₹3.42 करोड़

Haryana

भारत के प्राचीन इतिहास और हड़प्पाकालीन सभ्यता के रहस्यों को उजागर करने के लिए केंद्र सरकार हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहरों की वैज्ञानिक पड़ताल पर विशेष ध्यान दे रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा देशभर में चलाई जा रही उत्खनन (Excavation) परियोजनाओं में हरियाणा के हिसार जिले में स्थित दो प्रमुख स्थल—राखीगढ़ी और अग्रोहा—बजट खर्च के मामले में पूरे देश में शीर्ष पर हैं।

ASI ने अब तक इन दोनों साइटों की वैज्ञानिक खुदाई पर कुल ₹3.42 करोड़ खर्च किए हैं, जो देश की अन्य सभी सक्रिय पुरातात्विक परियोजनाओं में सबसे अधिक है।

संसद में दी गई जानकारी: 5 वर्षों में 121 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

लोकसभा में डीएमके (DMK) सांसद टी.आर. बालू द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देशभर की पुरातात्विक खुदाई का ब्योरा साझा किया:

  • परियोजनाओं का ब्योरा: 2021 से 2025 के बीच ASI ने देशभर में कुल 121 पुरातात्विक परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
  • चालू परियोजनाएं और बजट: वर्तमान में देश के 16 प्रमुख स्थलों पर खुदाई का काम तेजी से चल रहा है, जिस पर अब तक लगभग ₹6.8 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।

सबसे ज्यादा बजट वाली टॉप-5 पुरातात्विक साइट्स

देशभर की 16 सक्रिय उत्खनन साइटों में खर्च के लिहाज से हरियाणा की राखीगढ़ी पहले और अग्रोहा दूसरे स्थान पर है:

क्र. सं.पुरातात्विक स्थल (साइट)राज्यकुल खर्च (रुपये में)
1.राखीगढ़ी (हिसार)हरियाणा₹2 करोड़ 16 लाख 25 हजार
2.अग्रोहा (हिसार)हरियाणा₹1 करोड़ 26 लाख 51 हजार
3.द्वारकागुजरात₹1 करोड़ 54 हजार
4.एलिफेंटा द्वीपमहाराष्ट्र₹99 लाख 17 हजार
5.भावनगरगुजरात₹93 लाख 34 हजार

क्यों खास हैं राखीगढ़ी और अग्रोहा?

  • राखीगढ़ी (हिसार): यह सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल माना जाता है। यहां हो रही खुदाई से हजारों साल पुरानी सुव्यवस्थित नगर नियोजन, उन्नत जल निकासी व्यवस्था, कृषि, व्यापार और प्राचीन डीएनए/मानव कंकालों के जरिए मानव विकास के ऐतिहासिक प्रमाण सामने आ रहे हैं।
  • अग्रोहा (हिसार): यह स्थल प्राचीन महाराजा अग्रसेन की राजधानी और प्राचीन भारत के एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां की खुदाई से प्राचीन सिक्के, मूर्तियां और व्यापारिक इतिहास के महत्वपूर्ण सूत्र मिल रहे हैं।

इसके अलावा ASI द्वारा गुजरात के लोथल, कर्नाटक के ब्रह्मगिरी, बिहार के बलिराजगढ़, उत्तर प्रदेश के पिपरहवा और ओडिशा के जौगढ़ किला जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर भी उत्खनन कार्य किया जा रहा है।

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