हिमाचल के तकनीकी युवाओं के लिए बड़ा तोहफा: सीएम सुक्खू ने लॉन्च किया ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल

Himachal Pradesh

शिमला: हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने और रोजगार के अवसर सुलभ कराने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ (Takniki Rozgar Setu) पोर्टल का भव्य शुभारंभ किया है। यह राज्य का अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो तकनीकी संस्थानों, छात्रों और नियोक्ताओं (Employers) को एक ही छत के नीचे लाकर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाएगा।

पोर्टल पर क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों और कंपनियों दोनों के लिए काम करना बेहद आसान हो गया है:

  • छात्रों के लिए: युवा इस पोर्टल पर अपनी प्रोफेशनल प्रोफाइल तैयार कर सकेंगे, अपने कौशल (Skills), प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र अपलोड कर सकेंगे। साथ ही, उपलब्ध नौकरियों की जानकारी पाकर सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपनी प्लेसमेंट की स्थिति (Status) को ट्रैक कर सकेंगे।
  • नियोक्ताओं और उद्योगों के लिए: कंपनियां पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करके अपनी जरूरत के मुताबिक रिक्तियां (Vacancies) निकाल सकेंगी और योग्य अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी।
  • अल्पकालिक सेवाएं: इस मंच के जरिए इलेक्ट्रिशियन और प्लंबर जैसे कुशल तकनीकी कर्मियों की सेवाएं शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स के लिए भी ली जा सकेंगी।

शुरुआती आंकड़े: कितने संस्थान और छात्र जुड़े?

लॉन्चिंग के साथ ही इस पोर्टल पर शानदार प्रतिक्रिया देखने को मिली है:

पोर्टल के प्रमुख आंकड़े:

  • कुल पंजीकृत संस्थान: प्रदेश के 164 तकनीकी संस्थान इससे जुड़ चुके हैं, जिनमें 136 आईटीआई (ITIs), 18 पॉलिटेक्निक, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं।
  • छात्रों का पंजीकरण: ‘हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल’ के जरिए अब तक 26,168 छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की स्किल मैपिंग पूरी की जा चुकी है।
  • नियोक्ता: शुरुआती चरण में ही देश-प्रदेश के 97 नियोक्ता (Employers) इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं।

सरकार की प्रतिबद्धता: तकनीक से मजबूत हो रहा सुशासन

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सुशासन को मजबूत करने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस पोर्टल के शुरू होने से उद्योग जगत की मांग और शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रम के बीच का अंतर कम होगा, जिससे हिमाचल के युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) में जबरदस्त इजाफा होगा।

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