शिमला, हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक मोर्चे पर भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। चुनाव से ठीक पहले शासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के मकसद से राज्य सरकार ने 5 हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं।
सचिन कवल को बड़ी जिम्मेदारी
2009 बैच के वरिष्ठ HAS अधिकारी सचिन कवल, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव के तौर पर अहम भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें अब एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने उन्हें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।
इस नियुक्ति के साथ ही IAS अधिकारी शिवम प्रताप सिंह को इस अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है। सचिन कवल के पास मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव का जिम्मा पहले की तरह बना रहेगा।
प्रशासनिक फेरबदल में किसे क्या मिला?
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अन्य अधिकारियों के कार्यभार में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- सुनील वर्मा (2013 बैच): अब पूरी तरह से ‘अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आवास)’ के कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनसे ‘हिमाचल प्रदेश एस्टेट डायरेक्टर’ की अतिरिक्त जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।
- भानु गुप्ता (2018 बैच): सुनील वर्मा की जगह अब भानु गुप्ता को नया एस्टेट डायरेक्टर बनाया गया है।
- चंदन कपूर (2017 बैच): पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग (Tourism & Aviation) से स्थानांतरित कर अब उन्हें भाषा एवं संस्कृति विभाग में अतिरिक्त निदेशक की कमान दी गई है।
- संजीव कुमार (2023 बैच): इन्हें लघु बचत निदेशक (Director, Small Savings) नियुक्त किया गया है। इससे पहले यह अतिरिक्त कार्यभार अनिल कुमार (अतिरिक्त सचिव राजस्व एवं शिक्षा) संभाल रहे थे।
चुनाव से पहले रणनीतिक कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनावों से पहले यह फेरबदल महज रूटीन प्रक्रिया नहीं है। ग्रामीण विकास और आजीविका मिशन जैसे विभागों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक तालमेल को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
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