चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण नियमों में बदलाव के साथ-साथ राज्य को बाढ़ से बचाने के लिए किसानों को बड़ी राहत दी है।
- पंचायती राज अधिनियम में संशोधन और आरक्षण रोस्टर
पंजाब कैबिनेट ने दि पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 के नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह बदलाव उन परिस्थितियों के लिए किया गया है जब किसी जिले, तहसील या ब्लॉक की सीमाओं में परिवर्तन होता है।
प्रमुख बिंदु:
. प्रभावित जिले: मोहाली, पटियाला, फाजिल्का, फिरोजपुर मलेरकोटला और संगरूर सहित फुल 9 जिलों के आरक्षण पोस्ट में बदलाव को मंजूरी दी गई है।
. आपत्तीया आमंत्रित: सरकार ने इस बदलाव पर आम जनता से राय मांगी है। यदि किसी को इस नए रोस्टर पर आपत्ति है तो वह 10 दिन के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- किसानों को मिली ‘डिसिल्टिंग’ (गाद निकालने) की अनुमति
नदियों के जलस्तर और बाढ़ की खतरे को देखते हुए सरकार ने सतलुज और घग्गर नदी के तटीया इलाकों में गाद निकालने (Desilting) की अनुमति दे दी है।
. इन इलाकों को मिलेगा लाभ: रोपड (हरशा बेला), मंडाला ताजोबाल, बढाकाली राउन, रुकनेवाला, खैहराबाल और डेराबस्सी जैसे क्षेत्रों में गाद निकली जाएगी।
. बाढ़ से बचाव: इस कदम का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नदियों के आसपास के गांवो और जलभराव और बाढ़ की स्थिति से बचाना है।
. किसानों के भागीदारी: जिन किसानों की जमीन नदी क्षेत्र में आती है, वह स्वयं अपने स्तर पर गाद निकाल सकेंगे हालांकि इसके लिए उन्हें प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
- राजनीतिक बयानबाजी
बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री जी चिमा ने राघव चड्ढा से जुड़े एक सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता उन नेताओं को कभी पसंद नहीं करती जो मुश्किल समय में पीठ दिखाकर भाग जाते हैं।
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