किन्नौर, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के दुर्गम क्षेत्र शिगारचा के ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे और एकता का परिचय देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। नवगठित ग्राम पंचायत शिगारचा में ग्रामीणों ने चुनावी रंजिश और खर्च को दरकिनार कर पूरी पंचायत का चयन निर्विरोध संपन्न किया है।
सर्वसम्मति से चुनी गई नई टीम
हाल ही में रूपी पंचायत से अलग होकर अस्तित्व में आई शिगारचा पंचायत में रविवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में ग्रामीणों ने गहन मंथन के बाद सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी है:
. प्रधान: चंद्रकला
. उप-प्रधान: संजीव
चुने गए वार्ड सदस्य:
. वार्ड नंबर 1: मंगला देवी
. वार्ड नंबर 2: वरुण
. वार्ड नंबर 3: अजय कुमार
. वार्ड नंबर 4: सीमा देवी
. वार्ड नंबर 5: राज कुमारी
विकास को मिलेगी गति, बचेगा सरकारी पैसा
ग्रामीणों के इस सामूहिक फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य गांव में आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना है। निर्विरोध चयन से न केवल चुनाव आयोग का लाखों का खर्च बचेगा, बल्कि चुनावी गुटबाजी न होने से गांव के विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
“ग्रामीणों ने यह भी तय किया है कि भविष्य में भी पंचायत प्रतिनिधियों का चयन इसी प्रकार आपसी सहमति से किया जाएगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों।”
राजनीतिक सामंजस्य का अनोखा मॉडल
शिगारचा के ग्रामीणों ने एक और दिलचस्प समझौता किया है। आपसी तालमेल बिठाते हुए ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अगले पांच वर्षों के बाद प्रधान पद कांग्रेस समर्थित और उप-प्रधान पद भाजपा समर्थित उम्मीदवार को सौंपा जाएगा। यह राजनीतिक परिपक्वता जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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