बठिंडा: पंजाब पुलिस की साख पर एक बार फिर बट्टा लगा है। बठिंडा CIA-1 के एएसआई (ASI) मंजिंदर सिंह पर विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार का शिकंजा कस दिया है। इस मामले में एक उत्तर प्रदेश (UP) नंबर की संदिग्ध ‘ब्रीजा’ कार और एक मोबाइल नंबर ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
मामला क्या है? (Key Highlights)
यह पूरा मामला कॉस्मेटिक व्यापारी दुष्यंत बंसल की शिकायत से शुरू हुआ। व्यापारी का आरोप है कि उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
. अवैध रेड: व्यापारी के घर पर बिना किसी वारंट के छापा मारा गया।
. UP नंबर की गाड़ी: व्यापारी को डराने के लिए कथित तौर पर एक यूपी नंबर वाली ब्रीजा गाड़ी का इस्तेमाल किया गया।
. डिजिटल सबूत: व्यापारी ने पुलिसकर्मियों की बातचीत और रिश्वत की मांग को रिकॉर्ड कर लिया, जो अब विजिलेंस के पास सबसे बड़ा सबूत है।
विजिलेंस की जांच का बढ़ता दायरा
विजिलेंस ब्यूरो अब केवल एएसआई मंजिंदर सिंह तक ही सीमित नहीं है। सूत्रों की मानें तो इस साजिश की जड़ें गहरी हैं।
- ब्रीजा गाड़ी का रहस्य: विजिलेंस की टीमें उस सफेद या संदिग्ध रंग की ब्रीजा की तलाश कर रही हैं जिसका इस्तेमाल डराने-धमकाने के लिए हुआ। सोमवार को परिवहन विभाग से इस गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की जानकारी जुटाई जाएगी।
- संदिग्ध मोबाइल नंबर: जिस नंबर से रिश्वत की कॉल की गई थी, उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है। संदेह है कि यह नंबर CIA-1 के ही किसी अन्य कर्मचारी से जुड़ा हो सकता है।
- टीम पर शक: यदि गाड़ी या सिम कार्ड विभाग के अन्य लोगों के नाम निकले, तो सीआईए-1 के कई बड़े अधिकारी और कर्मचारी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
“भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी एएसआई फिलहाल फरार है, लेकिन उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस साजिश में शामिल हर शख्स को बेनकाब किया जाएगा।” — विजिलेंस अधिकारी
आरोपी ASI फरार, छापेमारी जारी
विजिलेंस ब्यूरो ने एएसआई मंजिंदर सिंह की गिरफ्तारी के लिए सीआईए स्टाफ-1 के कार्यालय और उसके आवास सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी है। आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन विजिलेंस का दावा है कि उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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