रेल यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने तिलकब्रिज-सिरसा, नई दिल्ली-रोहतक और कासगंज-नई दिल्ली रेल सेवाओं सहित तीन जोड़ी ट्रेनों का संचालन अब आधुनिक एलएचबी (LHB) रैक के साथ करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू होगा।
रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 15307/15308 तिलकब्रिज-सिरसा-तिलकब्रिज रेल सेवा 22 अगस्त 2026 से तिलकब्रिज से और 23 अगस्त से सिरसा से एलएचबी रैक के साथ संचालित होगी। इसी प्रकार 15303/15304 कासगंज-नई दिल्ली-कासगंज रेल सेवा कासगंज से 22 अगस्त और नई दिल्ली से 23 अगस्त से एलएचबी कोचों के साथ चलेगी। वहीं 15305/15306 नई दिल्ली-रोहतक-नई दिल्ली रेल सेवा का संचालन भी 22 अगस्त से एलएचबी रैक के साथ शुरू होगा।
रेलवे ने बताया कि इन सभी ट्रेनों में 16 आधुनिक कोच लगाए जाएंगे। इनमें एक वातानुकूलित चेयर कार, नौ द्वितीय श्रेणी चेयर कार, चार सामान्य श्रेणी के डिब्बे, एक पावर कार और एक गार्ड कोच शामिल होंगे। इससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
एलएचबी (लिंके-होफमैन-बुश) कोच जर्मन तकनीक पर आधारित आधुनिक रेल डिब्बे हैं, जिन्हें पारंपरिक आईसीएफ (ICF) कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। ये स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं, हल्के होते हैं और तेज गति से चलने में सक्षम हैं। दुर्घटना की स्थिति में इन कोचों के एक-दूसरे पर चढ़ने (टेलिस्कोपिंग) की संभावना काफी कम होती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ जाती है।
इसके अलावा एलएचबी कोच बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, कम झटकों, अधिक आरामदायक सीटों और बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम जैसी सुविधाओं से लैस होते हैं। यही कारण है कि भारतीय रेलवे धीरे-धीरे अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में पारंपरिक आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोचों को शामिल कर रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक रेल यात्रा उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में अन्य ट्रेनों में भी एलएचबी कोचों का विस्तार किया जाएगा, जिससे भारतीय रेलवे की सेवाएं और अधिक आधुनिक तथा यात्री-अनुकूल बन सकें।
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