चंडीगढ़: पंजाब में नियमित बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बावजूद बिजली संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसकी बड़ी वजह यह है कि बिजली लाइनों की मरम्मत और फॉल्ट ठीक करने वाले आउटसोर्स और ठेका कर्मचारी अब भी हड़ताल पर हैं। इससे कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित बनी हुई है और लोगों को लंबे समय तक कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
18 से 20 घंटे तक बिजली रही बाधित
विभागीय सूत्रों के अनुसार रिपेयर कार्य में लगे करीब 80 प्रतिशत कर्मचारी आउटसोर्स श्रेणी से जुड़े हैं। उनकी हड़ताल के कारण कई इलाकों में 18 से 20 घंटे तक बिजली बाधित रही। इससे पेयजल आपूर्ति, घरेलू कामकाज और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
निजी इलेक्ट्रिशियन बुलाना पड़ा भारी
बिजली बहाल न होने पर कई लोगों ने निजी इलेक्ट्रिशियन से फॉल्ट ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन कई जगह इसका उल्टा असर देखने को मिला। गलत मरम्मत के कारण कहीं बिजली पूरी तरह बंद हो गई तो कहीं 220 वोल्ट की जगह 440 वोल्ट की सप्लाई पहुंच गई, जिससे घरों के कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए।
होशियारपुर में 50 घरों की बिजली ठप
होशियारपुर के फतेहगढ़ स्थित रामचरण एंक्लेव में निजी इलेक्ट्रिशियन द्वारा फॉल्ट ठीक करने के प्रयास के बाद करीब 50 घरों की बिजली पूरी तरह बंद हो गई, जबकि 15 से 20 घरों में 440 वोल्ट की सप्लाई पहुंच गई। इससे एलईडी टीवी, पंखे, लाइटें, मॉडेम, राउटर, सीसीटीवी कैमरे और अन्य घरेलू उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित लोगों ने विभाग से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।
विभाग ने निजी तकनीकी कर्मियों की सेवाएं लेने की दी अनुमति
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) ने बताया कि सरकार ने आवश्यकता पड़ने पर ओपन मार्केट से निजी इलेक्ट्रिशियन और तकनीकी कर्मियों की सेवाएं लेने की अनुमति दे दी है। विभाग लंबित फॉल्ट को जल्द दूर कर बिजली आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नियमित कर्मचारियों के काम पर लौटने से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली लाइनों से स्वयं छेड़छाड़ न करें और किसी भी फॉल्ट की सूचना विभाग को ही दें।
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