ऋषिकेश: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तीर्थनगरी ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो हिंदू साधु का भेष बनाकर पिछले कई सालों से अवैध रूप से भारत में रह रहा था। आरोपी की पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई है।
‘सत्यसाधू’ बनकर छिपा था सनीउर रहमान
पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान रामझूला रोड स्थित काली मंदिर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने खुद को सत्यसाधू बताया, लेकिन जब कड़ाई से जांच की गई तो उसकी असलियत सामने आ गई। आरोपी का असली नाम सनीउर रहमान (39 वर्ष) है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के फरीदपुर का निवासी है।
2016 से भारत में अवैध निवास
पुलिस पूछताछ में सनीउर ने स्वीकार किया कि वह साल 2016 से बिना किसी वैध वीजा के भारत में रह रहा है। खुद को समाज की नजरों से बचाने के लिए उसने माथे पर तिलक और साधु के पहनावे का सहारा लिया। इतना ही नहीं, उसने दिल्ली के एक फर्जी पते का उपयोग करके भारतीय पहचान पत्र (आधार कार्ड) भी बनवा लिया था।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और फर्जी दस्तावेज बरामद
कोतवाली लक्ष्मणझूला पुलिस और इंटेलिजेंस यूनिट (अभिसूचना इकाई) की इस संयुक्त कार्रवाई में आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है:
. एक एक्सपायर हो चुका बांग्लादेशी पासपोर्ट
. फर्जी भारतीय आधार कार्डतीन मोबाइल फोन
. लैपटॉप और टैबलेट
. पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतने सालों तक वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसके पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक डेटा में क्या संदिग्ध जानकारियां छिपी हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
