देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का बिगुल बज चुका है आगामी 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस पावन यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। इस वर्ष प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए कई बड़े बदलाव किए हैं। जहां एक और दर्शनार्थियों की संख्या पर लगी पाबंदी हटा दी गई है, वहीं दूसरी और मंदिर परिसर की मर्यादा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
यात्रा का पूरा शेड्यूल कब खुलेगा कि धाम के कपाट?
उत्तराखंड सरकार के अनुसार चारधाम यात्रा का क्रम इस प्रकार रहेगा:
. 19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।
. 22 अप्रैल: बाबा केदारनाथ के दर्शन शुरू होंगे
. 23 अप्रैल: भगवान बद्रीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
इस बार यात्रा में क्या है नया? (प्रमुख बदलाव)
- दर्शन के लिए कोई डेली लिमिट नहीं पिछले वर्ष के विपरीत, इस बार सरकार ने प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या (Capacity limit) की शर्त को हटा दिया है। अब पंजीकरण कराने वाले सभी तीर्थ यात्री बिना किसी दैनिक कोटा की चिंता किए दर्शन कर सकेंगे।
- मंदिर के भीतर मोबाइल और रियल बनाने पर पाबंदी बद्री केदार मंदिर समिति (BKTC) ने मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर परिसर में वीडियो ग्राफी और रिल्स बनाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। श्रद्धालु के लिए क्लॉक रूम (Clock Room) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जहां वह अपना सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
- विशेष पूजा के लिए चुकानी होगी अधिक राशि यदि आप विशेष पूजा या अनुष्ठान करना चाहते हैं तो इस बार जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। नई दरों के अनुसार:
. बद्रीनाथ धाम: श्रीमद्भागवत कथा के लिए ₹1 लाख रूपये का शुल्क तय किया गया है।
. केदारनाथ धाम: दिन भर की विशेष पूजा के लिए अब 51 हजार रुपए देने होंगे।
. नया समय: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष पूजाएं अब रात के समय संपन्न की जाएगी, ताकि दिन में सामान्य श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकेंगे।
रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण की उम्मीद
अब तक 17.28 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण (Ragistration) कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी तीर्थयात्रियों की संख्या नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।
निष्कर्ष:
यदि आप इस वर्ष चारधाम की योजना बना रहे हैं, तो समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें और नए नियमों का पालन करें। उत्तराखंड सरकार ‘अतिथि देवो भव:’ के संकल्प के साथ देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है।
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