एक्टिव टैक्सपेयर्स के साथ देश में सबसे आगे यूपी, सीएम योगी…

Uttarpradesh

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। सोमवार को शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तर के अधिकारियों के साथ हुई इस विशेष बैठक में सीएम योगी ने कर प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राजस्व बढ़ाना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक ईमानदार व्यापारियों को सुरक्षा, सम्मान और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान देना भी है

यूपी इस समय देश में सबसे अधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन चुका है। वर्तमान में राज्य में 21.82 लाख सक्रिय (Active) टैक्सपेयर्स हैं। मुख्यमंत्री ने तकनीक और डेटा एनालिटिक्स (एआई) का उपयोग कर टैक्स चोरी रोकने और वैध व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

जीएसटी कलेक्शन में यूपी देश में नंबर 2, रिकॉर्ड रिकवरी
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने जीएसटी और वैट मद में कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व हासिल किया है, जो तय अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उत्तर प्रदेश जीएसटी संग्रह के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है।

इसके अलावा, विभाग को पुराने बकाये की वसूली में भी बड़ी सफलता मिली है:

जीएसटी बकाया वसूली: ₹2,658 करोड़ जमा हुए, जो पिछले साल के मुकाबले 228% ज्यादा है।

वैट बकाया वसूली: ₹800 करोड़ की रिकवरी हुई, जो गत वर्ष से 29% अधिक है।

प्रवर्तन इकाइयों की कार्रवाई: ₹2,071 करोड़ की वसूली की गई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल 1,98,071 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य दिया गया है। चालू वित्त वर्ष की शुरुआत भी शानदार रही है; अप्रैल 2026 में राज्य ने 10,896 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्ट किया, जो पिछले साल की इसी अवधि से 9.6% अधिक है। जोनों की बात करें तो गौतमबुद्ध नगर ने ₹1,506 करोड़ के साथ 18% की वृद्धि दर्ज की, जबकि सहारनपुर में 35.1% और वाराणसी प्रथम में 33.2% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

नेशनल एवरेज से बहुत आगे है उत्तर प्रदेश
बैठक में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश कर सुधारों और उनकी रफ्तार के मामले में राष्ट्रीय औसत (National Average) से काफी आगे चल रहा है:

रजिस्ट्रेशन की रफ्तार: यूपी में जीएसटी पंजीकरण के आवेदनों का निपटारा औसतन महज 8 दिनों में हो रहा है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन का है।

रिटर्न फाइलिंग: प्रदेश में देय तिथि तक 90% से अधिक और कुल मासिक रिटर्न फाइलिंग 93% है, जबकि केंद्र का औसत 91% है।

जीएसटी रिफंड: व्यापारियों के रिफंड मामलों को निपटाने में यूपी को सिर्फ 27 दिन लग रहे हैं, जबकि देश का औसत 48 दिन है। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि इसे और तेज किया जाए ताकि व्यापारियों की वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) न फंसे।

फर्जी फर्मों और टैक्स चोरों के खिलाफ एसआईटी की सख्त कार्रवाई
कर चोरी करने वालों को लेकर मुख्यमंत्री का रुख बेहद सख्त नजर आया। बैठक में बताया गया कि फर्जी (बोगस) फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 477 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 168 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 7 नवंबर 2025 को गठित विशेष जांच दल (SIT) की सख्ती के कारण ₹180 करोड़ का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक किया गया और ₹2,250 करोड़ की टैक्स डिमांड क्रिएट की गई है। इसके अलावा पेंडिंग अपीलों के निपटारे के लिए भी अधिकारियों को समयसीमा तय करने के निर्देश दिए गए हैं।

जून से ब्लॉक स्तर पर शुरू होगा व्यापारी संवाद कार्यक्रम
व्यापारियों की सहूलियत के लिए सरकार अब जमीनी स्तर पर उतरने जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘व्यापार बंधु’ की बैठकें और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब जून 2026 से राज्य कर विभाग खंड (ब्लॉक) स्तर पर विशेष संवाद कार्यक्रम और ट्रेनिंग कैंप चलाने जा रहा है। इसमें छोटे कारोबारियों को जीएसटी 2.0 सुधारों, रजिस्ट्रेशन और रिटर्न फाइलिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए सराफा कारोबारियों के साथ भी विशेष तालमेल बढ़ाया जा रहा है।

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