देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब प्रदेश में हर वर्ष 28 नवंबर को ‘आपदा प्रबंधन दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
यह विशेष दिन उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में चले ऐतिहासिक बचाव अभियान की शानदार सफलता की याद में समर्पित किया गया है।
सिलक्यारा मिशन: साहस और संकल्प की जीत
गौरतलब है कि 12 नवंबर 2023 को उत्तरकाशी जिले की सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में भूस्खलन के कारण 41 श्रमिक फंस गए थे। पूरे 17 दिनों तक चले इस बेहद चुनौतीपूर्ण और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, 28 नवंबर 2023 को सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इस अभियान की सफलता ने न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में भारत के आपदा प्रबंधन कौशल का लोहा मनवाया था।
स्थानीय तंत्र को मिल रही मजबूती
आपदा प्रबंधन विभाग केवल दिवस मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर संसाधनों को आधुनिक बनाने में जुटा है। विभाग की रणनीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
. आपदा मित्र एवं युवा आपदा मित्र: स्थानीय स्तर पर त्वरित सहायता के लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
. संसाधनों का विस्तार: आपदा के प्रभावों को कम करने के लिए आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की खरीद की जा रही है।
. चेतावनी प्रणाली (Warning System): मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की सटीक जानकारी समय से पहुँचाने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को सुदृढ़ किया जा रहा है।
“आपदा प्रबंधन दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों की योजना तैयार की जा रही है। इसका प्रस्ताव अनुमोदन के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा, जिसके बाद कार्यक्रमों की रूपरेखा तय होगी।”
— विनोद कुमार सुमन, सचिव (आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास)
क्या होंगी इस दिन की गतिविधियां?
विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट के अनुसार, 28 नवंबर को राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- मॉक ड्रिल: आपातकालीन स्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास।
2. जागरूकता अभियान: शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर आपदा से बचाव के तरीकों की जानकारी।
3. समीक्षा बैठकें: आपदा तैयारियों का आकलन और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को आपदाओं के प्रति सजग करना और उन्हें संकट के समय सही कदम उठाने के लिए प्रशिक्षित करना है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
